मानव जीवन की हर समस्या का समाधान है भगवत गीता : स्वामी ज्ञानानंद महाराज

आगरा। सूरसदन में हुए दिव्य गीता सत्संग में स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि मानव जीवन की हर समस्या का समाधान श्रीमद्भगवद्गीता में निहित है। गीता केवल हिंदुओं की नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता की धरोहर है, जिसमें तनाव, असफलता, रिश्तों की कड़वाहट और जीवन के संघर्षों का शाश्वत मार्गदर्शन मिलता है।

Sep 2, 2025 - 21:31
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मानव जीवन की हर समस्या का समाधान है भगवत गीता : स्वामी ज्ञानानंद महाराज
जीओ गीता परिवार द्वारा सूरसदन में आयोजित गीता सत्संग में स्वामी ज्ञानानंद महाराज केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल को गीता भेंट करते हुए। साथ हैं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल एवं अन्य अतिथिगण।

सूरसदन में यह आयोजन जीओ गीता परिवार की ओर से किया गया था। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने अपने आध्यात्मिक गीता व्याख्यान से आगरा शहर को अनुग्रहित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल, गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय, लघु उद्योग निगम लिमिटेड के अध्यक्ष राकेश गर्ग, खेरागढ़ चेयरमैन गुड्डू गर्ग, फुटवेयर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद् के चेयरमैन पूरन डावर और पूर्व विधायक महेश गोयल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

अतिथियों ने महाराज का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। महाराज ने मंच से गीता प्रेरणा पुस्तक अतिथियों को भेंट की। वृन्दावन की बेटियां राम्या और वृंदा ने स्वागत गीत पर नृत्य प्रस्तुति दी।

गीता ही है जीवन का असली मार्गदर्शन

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि मानव जीवन की समस्याओं का समाधान केवल गीता में है। यदि घर से निकलने से पहले दो मिनट ईश्वर की स्तुति करें तो हर कार्य में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध से पहले अर्जुन की स्थिति आज की वैश्विक स्थिति जैसी थी, तनाव और दबाव से भरी हुई।

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि गीता का उपदेश कृष्ण ने अर्जुन को निमित्त बनाकर दिया, ताकि वह संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा बने। गीता भगवान के द्वारा गाया गया गीत है, जिसमें जीवन के हर संघर्ष का समाधान है।

अध्यात्म है जीवन की धुरी

उन्होंने कहा कि जिसके व्यवहार में अध्यात्म है, उसे पता है कि क्या करना है और कैसे करना है। गीता में हर परिस्थिति का उत्तर है। संस्कारहीन बच्चों को माता-पिता का सम्मान करना नहीं आता और यही कारण है कि आज वृद्धाश्रम की आवश्यकता पड़ती है।

गीता केवल हिंदुओं के लिए नहीं

स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने स्पष्ट कहा कि गीता किसी एक समुदाय की नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए है। उन्होंने बताया कि गीता के 18 अध्याय और 700 श्लोकों में कहीं भी हिंदू शब्द नहीं है। आज विश्व की कई यूनिवर्सिटी में गीता का अध्ययन कराया जा रहा है।

बच्चों और युवाओं के लिए संदेश

उन्होंने कहा कि आज के बच्चे पढ़ाई से अधिक परिणाम की चिंता करते हैं, जबकि गीता कहती है कि वर्तमान में कर्म पर ध्यान दें, परिणाम अपने आप अच्छा होगा। जैसे मोबाइल को चार्जिंग की आवश्यकता होती है, वैसे ही मानव को भजन और ध्यान से शक्ति मिलती है।

महाराज ने कहा कि हर रिश्ते की नींव विश्वास है। आज रिश्तों में विश्वास की कमी हो रही है। प्रेम और सद्भाव को सबसे बड़ी पूंजी मानें।

कार्यक्रम में संयोजक मनोज कुमार गुप्ता, संरक्षक केशव गुप्ता, महेंद्र बाधवानी, गोपेश बाबा, सुरेंद्र बिंदल, पियूष श्रीवास्तव, डॉ. लखन त्यागी, डॉ. सोनू दीक्षित, कौशल किशोर शर्मा, अगम गौतम, डॉ. राजेश शर्मा, आचार्य जितेंद्र मिश्रा, प्रवीन भारद्वाज, उर्मिला अग्रवाल, आलोक आर्य, अजय रंगीला, डॉ. योगेश बिंदल, अनंता दास, मानिक चंद, शिल्पा, अर्चना आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन गुरु कृपानन्द ने किया।

SP_Singh AURGURU Editor