आगरा में 12 अप्रैल को राणा सांगा जयंती के लिए भूमि पूजन, भगवा झंडा गाढ़ा

आगरा। आगरा में एत्मादपुर क्षेत्र के गढ़ी रामी में 12 अप्रैल को महाराणा सांगा जयंती मनाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर भगवा गाढ़ दिया गया है। कार्यक्रम स्थल पर गुरुवार को विधि-विधान के साथ भूमि पूजन हुआ।

Apr 10, 2025 - 13:35
Apr 10, 2025 - 13:38
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आगरा में 12 अप्रैल को राणा सांगा जयंती के लिए भूमि पूजन, भगवा झंडा गाढ़ा
गढ़ी रामी में गुरुवार को राणा सांगा जयंती के लिए हुए भूमि पूजन के दौरान की कुछ तस्वीरें।

इस अवसर पर राजस्थान के करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत, वीर प्रताप सिंह वीरु समेत स्थानीय क्षत्रिय समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे। 

राणा सांगा की जयंती आगरा में ही इसलिए मनाई जा रही है क्योंकि आगरा के सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने संसद में राणा सांगा पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके विरोध में करणी सेना द्वारा सांसद सुमन के आवास पर उग्र प्रदर्शन भी किया जा चुका है। अब क्षत्रिय समाज इस आयोजन के जरिए सनातन धर्म के अनुयायियों की एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शित करना चाहता है। 

भूमि पूजन के पश्चात उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आयोजकों ने कहा कि महाराणा सांगा भारतीय इतिहास के एक महान योद्धा और पराक्रमी राजा थे, जिन्होंने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से पूरे क्षत्रिय समाज और सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन किसी व्यक्ति विशेष या समुदाय के विरोध में नहीं है, बल्कि यह हमारी गौरवशाली विरासत और महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए आयोजित किया जा रहा है।

आयोजकों ने देश के सभी देशभक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 12 अप्रैल को आगरा पहुंचकर इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और अपनी एकजुटता का परिचय दें। उन्होंने कहा कि यह शक्ति प्रदर्शन न केवल महाराणा सांगा के प्रति सम्मान व्यक्त करेगा, बल्कि भविष्य में भी किसी को हमारे महापुरुषों पर टिप्पणी करने से पहले सोचने पर मजबूर करेगा।

बताते चलें कि समाजवादी पार्टी के नेता रामजीलाल सुमन द्वारा कथित तौर पर महाराणा सांगा पर की गई एक टिप्पणी के बाद से क्षत्रिय समाज में भारी आक्रोश है। इस टिप्पणी को क्षत्रिय समाज ने अपने गौरव और इतिहास का अपमान माना है। इसी नाराजगी के चलते क्षत्रिय और सनातन धर्म के लोग आगामी 12 अप्रैल को आगरा में शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज यह संदेश देना चाहता है कि वह अपने महापुरुषों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी संस्कृति और इतिहास की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।

आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य केवल अपनी भावनाओं को व्यक्त करना और समाज को एकजुट करना है। उन्होंने प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है ताकि 12 अप्रैल का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। अब सभी की निगाहें 12 अप्रैल पर टिकी हुई हैं। 

भूमि पूजन कार्यक्रम में करणी सेना की संगीता सिंह एडवोकेट, क्षत्रिय सभा के जिलाध्यक्ष अनिल चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष आरपी सिंह जादौन और भंवर सिंह चौहान, विनोद परमार, संजय चौहान, मुनेंद्र जादौन, गौरव राजावत, देवेंद्र सिंह सिकरवार, कुबेर सिंह सिकरवार, अर्जुन भाटी समेत गढ़ी रामी और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। 

क्षत्रिय सभा की हर शाखा सभा की बैठकें

राणा सांगा की जयंती पर हो रहे रक्त स्वाभिमान सम्मेलन को लेकर क्षत्रिय सभा की आगरा की सभी इकाइयां भी अपनी-अपनी बैठकें कर कार्यक्रम में भागीदारी को लेकर प्लानिंग कर रही हैं। इधर आगरा व आसपास के जिलों के गांवों में प्रचार वाहन भी घूम रहे हैं और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में आने की अपील की जा रही है। 

हाईवे पर लगे होर्डिंग

इस कार्यक्रम के लिए पहले करणी सेना और क्षत्रिय सभा की ओर से अलग-अलग अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने सनातन हिंदू महासभा को कार्यक्रम के लिए अनुमति दी है। इस आयोजन को लेकर गढ़ी रामी के आसपास हाईवे पर होर्डिंग भी लग गये हैं। इन होर्डिंगों से लोगों को सार्वजनिक तौर पर आमंत्रण दिया जा रहा है।