नगर निगम की अनदेखी पर भाजपा पार्षद सुषमा जैन का फूटा गुस्सा, मेयर को बताने के बाद भी नहीं बन रही सड़क, बोलीं- मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से शिकायत करूंगी
आगरा। आवास विकास कॉलोनी की जर्जर सड़क को लेकर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा की मनोनीत पार्षद सुषमा जैन ने आरोप लगाया है कि कई बार मामला महापौर हेमलता दिवाकर के संज्ञान में लाने के बावजूद करकुंज चौराहे से रामलाल वृद्ध आश्रम तक की बदहाल सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। पार्षद ने अब साफ चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वह इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से करेंगी। उनका कहना है कि 15वें वित्त आयोग की राशि से शहर में सड़क निर्माण के कार्य हो रहे हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण मार्ग की लगातार अनदेखी की जा रही है।
आवास विकास कॉलोनी के करकुंज चौराहे से रामलाल आश्रम के सामने से गुजरने वाला मार्ग इन दिनों बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। सड़क की बदहाली के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रतिदिन इस मार्ग से आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यह मार्ग कॉलोनी के सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल है। इसी सड़क पर रामलाल आश्रम, सेक्टर-10 केंद्र, देश दीपक इंटर कॉलेज तथा अस्पताल स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, मरीज, अभिभावक और स्थानीय नागरिक इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
भाजपा की मनोनीत पार्षद सुषमा जैन ने कहा कि उन्होंने इस सड़क के निर्माण की मांग पहले ही महापौर हेमलता दिवाकर के समक्ष रखी थी। इसके बावजूद नगर निगम निर्माण विभाग के अभियंताओं ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे अधिकारियों की गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में नगर निगम पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
सुषमा जैन ने कहा कि शहर के अन्य क्षेत्रों में 15वें वित्त आयोग की धनराशि से सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण मार्ग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे साफ है कि संबंधित अधिकारी इस क्षेत्र की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो वह पूरे मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से करेंगी, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके और क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सड़क की जर्जर हालत के कारण रोजाना वाहन चालक और पैदल राहगीर परेशानी झेल रहे हैं। अभिभावकों ने भी मांग की है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए इस सड़क का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।