सीसामऊ से दलित चेहरा उतार सकती है भाजपा

लखनऊ। यूपी में होने वाले उपचुनाव में प्रत्याशियों के नाम में बीजेपी की देरी विपक्ष के लिए चुनावी समीकरण को बदल सकती है, इसी देरी में कानपुर की सीसामऊ सीट भी शामिल है। दस में से नौ सीटों पर उपचुनाव होने हैं। कानपुर की सीसामऊ सीट पर सपा प्रत्याशी उतार चुकी है। हालांकि इसी सीट पर लंबे समय से सपा ने सोलंकी परिवार पर ही भरोसा रखा है और इस बार भी सोलंकी परिवार से नसीम सोलंकी को उतारा है लेकिन इस सीट पर सपा का खेल बिगाडने के लिए बीजेपी दलित चेहरे को उतार सकती है।

Oct 22, 2024 - 12:48
 0
सीसामऊ से दलित चेहरा उतार सकती है भाजपा

जिस तरह मुस्लिम मतदाता सपा के लिए निर्णायक भूमिका निभाते हैं, वहीं इस सीट पर दलित मतदाताओं की भी बड़ी संख्या है और दलित प्रत्याशी के उतरने से बीजेपी सपा का खेल खराब कर सकती है। बीजेपी इस सीट पर कोई दलित प्रत्याशी उतारती है तो दलित वोट में वो अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी। ब्राह्मण मतदाता बीजेपी के साथ ही माना जाता है। वहीं बीजेपी का फ़िक्स वोटर का वोट बीजेपी के खाते में ही जाना तय है क्योंकि पिछली बार विधान सभा चुनाव में बीजेपी सपा से महज 12 हजार वोट से हारी थी।

साल 2022 के विधान सभा चुनाव में सपा ओर बीजेपी के बीच अंतर 12 हजार वोट का था, जिसमें बीजेपी की हार और सपा की जीत हुई थी क्योंकि बीजेपी को इस सीट से दलित वोट सही से नहीं मिला था। बसपा के प्रत्याशी ने भी इस सीट पर अच्छी संख्या में दलित वोट काटे थे। कांग्रेस प्रत्याशी ने भी दलित वोट काटे थे। बीजेपी अगर दलित प्रत्याशी उतारेगी तो दलित का झुकाव उस प्रत्याशी की ओर होगा।

बीजेपी ने अभी अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है लेकिन जल्द ही प्रत्याशी का नाम साफ होगा। फिलहाल सीसामऊ सीट का चुनाव रोमांचक होने वाला है। विधायक इरफान सोलंकी के जेल में होने से भी इस चुनाव में फर्क दिखाई पड़ेगा और पत्नी नसीम की राह अकेले आसान नहीं है। अब देखना है की पारंपरिक सीट पर सपा का कब्जा नसीम कायम रखती है या बीजेपी विधायक से बात सपा के किले सेंध लगा देगी।  प्रत्याशियों की उम्मीद ओर पार्टी का अनुमान इन सब से ऊपर है मतदाता का मतदान।