बरेली में धर्मांतरण का काला कारोबार: 21 बैंक खाते बेनकाब, चंदे के नाम पर हो रही थी फंडिंग

-आरके सिंह- बरेली। बरेली पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले जिस बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, उसके बारे में जांच में सामने आया कि गिरोह को मजबूत बनाने और हिंदुओं का मतांतरण कराने के लिए चंदा के नाम पर भारी फंडिंग की जाती थी। पुलिस जांच में आरोपितों के 21 बैंक खाते मिले हैं, जिनमें लगातार ट्रांजेक्शन हो रहे थे। पुलिस को शक है कि इस पूरी फंडिंग में विदेशी लिंक भी हो सकता है।

Aug 27, 2025 - 18:09
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बरेली में धर्मांतरण का काला कारोबार: 21 बैंक खाते बेनकाब, चंदे के नाम पर हो रही थी फंडिंग
बरेली की भुता थाना पुलिस द्वारा बेनकाब किए गये धर्मांतरण गिरोह के चार सदस्य।

अब्दुल मजीद के खाते से 2000 ट्रांजेक्शन, 13 लाख का खेल

भुता थाने के प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह का सरगना अब्दुल मजीद निवासी ग्राम फैजनगर की कोई स्पष्ट आय का स्रोत नहीं है। इसके बावजूद उसके नाम पर 3 और पत्नी के नाम पर 2 बैंक खाते मिले हैं। महज आठ महीने में इन 5 खातों से 2000 से अधिक ट्रांजेक्शन हुए, जिनमें 13 लाख रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ। पुलिस का मानना है कि यह रकम चंदे के नाम पर फंडिंग के रूप में आती थी।

सलमान और उसकी पत्नी के नाम 12 खाते

गिरोह के सदस्य सलमान के नाम 6 और उसकी पत्नी के नाम पर 6 खाते मिले हैं। एक परिवार के पास इतने खाते होना पुलिस के अनुसार असामान्य है। इन सभी खातों की डिटेल पुलिस ने बैंकों से मांगी है। इसी तरह आरिफ और फहीम के नाम पर 2-2 खाते पाए गए।

मुस्लिम लड़कियों के जरिये हिंदुओं का ब्रेनवाश

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरोह मुस्लिम लड़कियों के जरिये हिंदू युवकों को फंसाकर उन्हें मदरसे में बुलाता था, जहां ब्रेनवाश किया जाता था। पकड़े गए आरोपितों में अब्दुल मजीद, सलमान, आरिफ और फहीम शामिल हैं। एक अन्य आरोपी महमूद बेग मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मदरसे से बंधक बनाए गए अलीगढ़ निवासी प्रभात उपाध्याय को छुड़ाया। उसका जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराने की तैयारी थी।

मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित प्रभात की मां अखिलेश कुमारी ने थाना भुता में तहरीर दी थी कि उसका बेटा निकाह के प्रलोभन में फंसाकर बंधक बनाया गया है। इस शिकायत पर पुलिस ने अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ पर धारा 140(3)/351(3) बीएनएस व 3/5(1) उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया।

मदरसे से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद

छापेमारी में मदरसे से धार्मिक पुस्तकें (बहारे शरिअत हिस्सा 16, इस्लामी अखलाक-ओ-आदाब आदि), 12 सीडी (डॊ. जाकिर नाइक और अन्य), पेनड्राइव, लैपटॉप, चेकबुक, डीवीडी राइटर, मुस्लिम टोपी, ताबीज, मोहर लगे कन्वर्जन सर्टिफिकेट और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए।

नेटवर्क 13 राज्यों तक फैला, विदेशी फंडिंग का शक

पुलिस जांच में सामने आया कि अब्दुल मजीद का नेटवर्क 13 राज्यों के 30 जिलों तक फैला हुआ है। आरोपितों ने कई हिंदू युवकों को निकाह और धन का लालच देकर मुस्लिम बनाया। अब तक छह पीड़ित सामने आ चुके हैं। पुलिस को विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं।

पीड़ितों को झांसा और दबाव

पीएचडी धारक शिक्षक बृजपाल को मुस्लिम लड़की से निकाह कराकर धर्म परिवर्तन कराया गया।

उनकी बहन का भी मुस्लिम युवक से निकाह कराकर नाम बदला गया।

मां ऊषा रानी को भी अमीना बनाया गया।

बीकॉम छात्र को नशे की लत लगाकर मजबूरन धर्म परिवर्तन कराया गया।

सलमान, आरिफ और फहीम की भूमिका

सलमान दर्जी का काम करता था और हिंदू परिवारों में संपर्क साधकर उन्हें मुस्लिम युवतियों से मिलवाता था।

आरिफ साथ रहकर मदरसे में बुलाता और साहित्य व सीडी उपलब्ध कराता था।

फहीम हेयर ड्रेसर था और संभावित शिकार की पहचान कर अब्दुल मजीद को बताता था।

पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। फरार आरोपी महमूद बेग की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि आठ महीने में लाखों की रकम 21 खातों में घूमती रही। चंदे के नाम पर फंडिंग कर हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ प्रदेश में धर्मांतरण गिरोह की गहराई को उजागर करता है।

SP_Singh AURGURU Editor