एविएशन में महिलाओं का उज्जवल भविष्य: सपनों को पंख देने के लिए गर्ल्स इन एविएशन डे सेमिनार
आगरा। वुमन इन एविएशन इंडिया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से बीआर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित गर्ल्स इन एविएशन डे सेमिनार ने छात्राओं में विज्ञान, तकनीक और एविएशन क्षेत्र के प्रति गहरी रुचि उत्पन्न की। दयालबाग स्थित एक पहल पाठशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में एयर टैक्सी निदेशक कैप्टन पूनम गौर ने बताया कि कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एविएशन क्षेत्र महिलाओं के लिए सुरक्षित, प्रतिष्ठित और उच्च वेतन वाला करियर प्रदान करता है।
ओमान एयर दिल्ली की एयरपोर्ट मैनेजर कीर्ति तिवारी ने छात्राओं को बताया कि पायलट या एयर होस्टेज बनने के अलावा एयर ट्रैफिक कंट्रोल, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन मैनेजमेंट, एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स, एविएशन मीडिया, कम्युनिकेशन, एविएशन आईटी और डेटा एनालिटिक्स जैसे विविध क्षेत्र उपलब्ध हैं, जहाँ कद और रंग रूप की बाध्यता नहीं होती।
बर्ड अकादमी की सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षक सोनिया कपिला ने छात्राओं को व्यक्तित्व और संचार कौशल निखारने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। वुमन इन एविएशन इंडिया की अध्यक्ष राधा भाटिया ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि भारत ने पहली बार 2016 में गर्ल्स इन एविएशन डे मनाया था, और यह पहल अब दिसंबर 2025 में अपने 10वें वर्ष में प्रवेश करेगी, साथ ही “गिविंग विंग्स टू ड्रीम्स अवार्ड्स 2025” के साथ शानदार समापन करेगी।
सेमिनार में 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया और निबंध प्रतियोगिता में अपने सपनों और जीवन के लक्ष्यों को शब्दों में व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अंजलि गुहार ने किया। इस अवसर पर संस्थापक मनीष राय, बरखा राय, अंकित खंडेलवाल, नवीन कुमार, सुरभि कुमारी, मनीषा गैलानी सहित अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।