बरेली में वक्फ के नाम पर कब्जे में 11 पर केस, कानून के बाद यूपी में पहली कार्रवाई
बरेली। बरेली जनपद में सरकारी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। यह वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद प्रदेश में पहली पुलिसिया कार्रवाई मानी जा रही है।
सहनिया गांव का है यह मामला
गांव सरनिया के निवासी पुत्तन शाह ने शिकायत दी थी कि गांव में स्थित एक भूखंड, जो राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन के रूप में दर्ज है, उस पर सब्जे अली नामक व्यक्ति ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर कब्जा कर लिया। उसने एक फकीर सैयद हामिद हसन के नाम पर इस जमीन को कब्रिस्तान घोषित कर दिया और फिर उसी के नाम पर तीन बीघा जमीन का वक्फ में पंजीकरण करा दिया।
फर्जी ट्रस्ट और दस्तावेज़ों का सहारा
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर ट्रस्ट बनाया गया, जिसका अध्यक्ष सब्जे अली स्वयं बना। इसके बाद उसने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में कब्जाई गई जमीन का पंजीकरण करवा लिया। इतना ही नहीं, 2021 में उसने पुत्तन शाह के खिलाफ कोर्ट में वाद भी दायर किया, लेकिन वहां उसे पराजय का सामना करना पड़ा।
अब पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जांच में जमीन सरकारी निकली और दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस पर थाना सीबीगंज में सब्जे अली समेत 11 आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 420, 467, 468, 471, 447, 120B, 323, 506 और 504 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
वक्फ संशोधन कानून के बाद पहली सख्ती
उत्तर प्रदेश में वक्फ संशोधन कानून लागू होने के बाद यह पहली बड़ी पुलिस कार्रवाई है, जिसमें फर्जी तरीके से वक्फ संपत्ति घोषित कर कब्जा करने के प्रयास को गंभीरता से लिया गया है।