सहारा ग्रुप की दो कंपनियों के दस निदेशकों पर धोखाधड़ी के आरोप में आगरा में मुकदमा
आगरा। सहारा ग्रुप के दिवंगत चेयरमैन सुब्रत राय और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सहारा क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सहारारियन यूनिवर्सल मल्टी परपज सोसाइटी लिमिटेड में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में आगरा में एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सहारा समूह की उक्त दोनों कंपनियों में आकर्षक व्याज और निश्चित धनराशि के भरोसे पर पैसे जमा कराए। सावधि जमा राशि के लिए रुपये लेने के बाद वापस अदा नहीं किए गए। यह मुकदमा कावेरी कुंज फेस दो, कमलानगर निवासी मुकेश कुमार जैन द्वारा दायर याचिका के आधार पर सीजेएम कोर्ट के आदेश पर कमला नगर थाने में दर्ज हुआ है।
मुकेश कुमार जैन ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने 15 जनवरी 2016 से 31 जुलाई 2018 के बीच संपूर्ण जमा राशि लगाई थी। जमा की गई राशि इस प्रकार है- मुकेश कुमार जैन: ₹29,80,266, पत्नी स्नेह जैन: ₹22,35,788, बेटा अतिशय जैन: ₹12,10,365, बेटी नीलांशा जैन: ₹38,61,026 मुकेश और बेटी के नाम संयुक्त: ₹1,39,968। रिपोर्ट के अनुसार दोनों कंपनियों पर तीन करोड़ से अधिक की धनराशि देय है।
यह मुकदमा सहारा समूह के बड़े परिवार के चार सदस्यों और अन्य कंपनी अधिकारियों के खिलाफ है। इसमें प्रमुख नाम हैं: दिवंगत सुब्रत राय सहारा, सीमांतों राय, चांदनी राय, सुशांतों राय, ऋचा राय, कंपनी के अधिकारी डीके श्रीवास्तव, अरविंद उपाध्याय, सीमा, ओपी श्रीवास्तव, अलख कुमार सिंह, एसवी सिंह, टेरिटरी चीफ प्रशांत वर्मा और जोनल चीफ गणेश पांडे।
अब इस मामले की जांच में पुलिस द्वारा वित्तीय लेनदेन और जमा राशि की वापसी से जुड़े दस्तावेजों की पूरी समीक्षा की जाएगी।