भरोसे की चेन टूटी, आगरा में ज्वैलर से 19 लाख की ठगी, पूर्व जीएसटी कमिश्नर और बेटे पर एफआईआर

आगरा। आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र में एक ज्वैलर से करीब 19 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व जीएसटी कमिश्नर कुमोद माथुर और उनके बेटे अभिषेक माथुर के खिलाफ ठगी व जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

Dec 17, 2025 - 15:44
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भरोसे की चेन टूटी, आगरा में ज्वैलर से 19 लाख की ठगी, पूर्व जीएसटी कमिश्नर और बेटे पर एफआईआर
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आगरा। आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र में एक ज्वैलर से करीब 19 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व जीएसटी कमिश्नर कुमोद माथुर और उनके बेटे अभिषेक माथुर के खिलाफ ठगी व जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

पीड़ित योगेश कुमार अग्रवाल, हरीपर्वत स्थित एपी ज्वैलर्स के संचालक हैं। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को पूर्व जीएसटी कमिश्नर कुमोद माथुर ने अपने एक परिचित के जरिए उनसे संपर्क कराया और कहा कि उनका बेटा सोने के आभूषण खरीदने शोरूम आएगा। पुराने परिचय और भरोसे के चलते योगेश अग्रवाल ने इस बात पर विश्वास कर लिया।

अगले दिन 20 नवंबर की शाम अभिषेक माथुर शोरूम पहुंचे और करीब 154 ग्राम वजन की सोने की पांच चेन पसंद कीं। इनकी कुल कीमत लगभग 18.94 लाख रुपये बताई गई। भुगतान के लिए पंजाब नेशनल बैंक का एक चेक दिया गया और तय तारीख पर चेक जमा करने को कहा गया।

जब ज्वैलर ने चेक बैंक में लगाया तो वह “NO SUCH ACCOUNT” लिखकर वापस आ गया। इसके बाद संपर्क करने पर आरोपियों की ओर से लगातार टालमटोल की जाती रही और जल्द भुगतान का आश्वासन दिया जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि मामले को और उलझाने के लिए आरोपियों ने एक फर्जी बैंक जमा पर्ची बनाकर भेजी और दावा किया कि रकम दूसरे खाते से जमा कर दी गई है। बाद में जांच में यह बैंक स्लिप भी पूरी तरह फर्जी निकली।

पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। ज्वैलर ने चेक, फर्जी बैंक स्लिप, इनवॉइस और मोबाइल चैट जैसे अहम दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि जिस खाते का चेक दिया गया था, वह हाल ही में खुलवाया गया था।

थाना हरीपर्वत पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही ठगी में लिए गए सोने के आभूषणों की बरामदगी के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। यह मामला एक बार फिर नाम और पद के भरोसे की आड़ में होने वाली ठगी की गंभीरता को उजागर करता है।