आगरा में चंबल का जलस्तर घटा, उटंगन में उफान बरकरार; संपर्क मार्ग बंद, चंबल में पहुंचा था काली सिंध समेत सहायक नदियों का पानी
आगरा। मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई बारिश के बाद पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र से गुजर रही चंबल नदी का जलस्तर अचानक बढ़कर 121 मीटर तक पहुंच गया था, हालांकि अब पानी घटने लगा है। जलस्तर कम होने से नदी किनारे रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं आंगई बांध से पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र की उटंगन नदी में उफान अभी जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
चंबल में सहायक नदियों का पानी पहुंचने से बढ़ा जलस्तर
मध्य प्रदेश और राजस्थान में लगातार बारिश के चलते चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। काली सिंध नदी समेत चंबल की अन्य सहायक नदियों का पानी आने से जलस्तर में अचानक वृद्धि हुई और यह 121 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद पानी का स्तर घटने लगा, जिससे आसपास के ग्रामीणों और नदी किनारे बसे लोगों को कुछ राहत मिली है।
उटंगन नदी में उफान से संपर्क मार्ग बंद
चंबल का जलस्तर घटने के बावजूद पिनाहट क्षेत्र की उटंगन नदी में स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। आंगई बांध से पानी छोड़े जाने के बाद उटंगन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा है। नदी में तेज बहाव और उफान के कारण नदी पर जाने वाले संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
नदी किनारे नहीं जाने की चेतावनी
उटंगन नदी में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से सतर्क रहने तथा पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। फिलहाल चंबल का पानी घटने से राहत है, लेकिन उटंगन नदी में जारी उफान के कारण क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है।