आगरा में उतरने लगा लगा चंबल का पानी, तटवर्ती गांवों में लौटी राहत, बीमारियों फैलने की आशंका
आगरा। जिले के पिनाहट और बाह क्षेत्र से होकर बहने वाली चंबल नदी का जलस्तर अब घटने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। बीते चार दिनों से नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा था, जो खतरे के निशान 130 मीटर से ऊपर जाकर 133.70 मीटर तक पहुंच गया था।
बीती देर रात से जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। अब तक करीब डेढ़ मीटर जलस्तर घट चुका है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि यह क्रम जारी रहा तो बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने लगेगी।
बढ़ते जलस्तर के चलते चंबल किनारे बसे गांवों में लोग परेशानियों से घिर गये थे। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र के उमरैठापुरा गांव सहित कई गांवों में पानी घरों में घुस गया था। कई ग्रामीणों ने ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया था। प्रशासन द्वारा मोटर बोट के माध्यम से पानी से घिरे लोगों को निकाला गया था।
चंबल में आई बाढ़ ने दर्जनभर गांवों को प्रभावित किया है। हजारों बीघा फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। फिलहाल, जलस्तर में गिरावट से लोगों को थोड़ी राहत तो मिली है, मगर अब बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
जलमग्न इलाकों में संक्रमण और संक्रामक रोग फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। चंबल किनारे बसे गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कैंप लगाकर दवाओं का वितरण शुरू कर दिया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने पिनाहट क्षेत्र का दौरा किया और स्वास्थ्य विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बीमारियों से बचाव और जलजनित रोगों पर नियंत्रण के लिए तत्काल दवा छिड़काव और मेडिकल कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।