टीटीजेड के लंबित औद्योगिक आवेदनों का रास्ता साफ होने पर चैंबर ने जताई खुशी, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
आगरा। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में लंबित औद्योगिक आवेदनों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ने भी स्वागत किया है। चैम्बर सभागार में अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इसे आगरा के उद्योगों और व्यापार के लिए बड़ी राहत बताया गया।
चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय टीटीजेड से प्रभावित उद्यमियों और व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अदालत ने स्पष्ट किया है कि टीटीजेड के लिए असेसमेंट स्टडी और विजन डॉक्यूमेंट में देरी के कारण औद्योगिक आवेदनों को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता। अब टीटीजेड अथॉरिटी लंबित आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगी। जिन मामलों में नीरी, केंद्रीय सशक्त समिति (सीईसी) और टीटीजेड अथॉरिटी सहमत होंगे, उनमें बिना सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति के भी मंजूरी दी जा सकेगी। हालांकि सभी स्वीकृतियों को सीईसी की वेबसाइट पर सार्वजनिक करना होगा तथा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को अनुमति नहीं मिलेगी।
उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन 400 आवेदनों की सूची में चैम्बर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं।
चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि इस फैसले से विशेष रूप से पर्यावरण अनुकूल एमएसएमई इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे आगरा सहित टीटीजेड क्षेत्र के छह जिलों में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने कहा कि न्यायालय ने पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाते हुए यह निर्णय दिया है, जिससे स्थानीय रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में नितेश अग्रवाल, अम्बा प्रसाद गर्ग, विनय मित्तल, अनिल वर्मा, अतुल कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, देवेन्द्र गोयल, राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, विकास मित्तल, केशव दत्त गुप्ता, धर्मगोपाल मित्तल, सचिन सारस्वत, मयंक अग्रवाल, अखिलेश दुबे, नरेन्द्र गुप्ता और राजकिशोर खंडेलवाल सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया।