जीएसटी-2 पर सीजीएसटी आयुक्त संग चैम्बर की बैठक, कर राहत को लेकर रखी गईं कई मांगें
आगरा। सीजीएसटी आयुक्त के निमंत्रण पर आज चैम्बर का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय पहुंचा, जहां जीएसटी-2 को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा, होटल, स्क्रैप और इंजन से जुड़ी कर नीतियों पर अपने सुझाव और मांगें रखीं। आयुक्त ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें उच्च स्तर पर भेजने और सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
चैम्बर ने सबसे पहले शिक्षा के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार की मंशा शिक्षा को सस्ता करने की है, लेकिन नोटबुक पर करमुक्ति देने के बावजूद उसमें प्रयुक्त होने वाले कागज पर 18 प्रतिशत कर लगाया गया है, जिससे इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता। इसे न्यायसंगत न बताते हुए चैम्बर ने कर कम करने की मांग की।
होटल एंड रेस्टोरेंट से जुड़े मुद्दे पर चैम्बर ने कहा कि वर्तमान में जीएसटी-2 में बजट होटल 1000 रुपये तक करमुक्त रखे गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस सीमा को 2500 रुपये तक बढ़ाए जाने की मांग की, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
स्क्रैप के मामले में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस समय उस पर 18 प्रतिशत कर की दर लागू है, जबकि इसे घटाकर 5 प्रतिशत किया जाना चाहिए। इससे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी और अवैध लेन-देन पर रोक लगेगी।
इंजन पर कर दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के निर्णय का चैम्बर ने स्वागत किया। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने सेन्ट्रीफ्यूगल डीजल वाटर पम्पसेट और इंजन स्पेयर पार्ट्स पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का अनुरोध किया, क्योंकि दोनों ही एक-दूसरे के पूरक उत्पाद हैं।
सीजीएसटी आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि चैम्बर द्वारा प्रस्तुत समस्याओं व सुझावों को शासन स्तर तक भेजा जाएगा और शीघ्र ही उन पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष एवं जीएसटी प्रकोष्ठ चेयरमैन अमर मित्तल, सदस्य अशुल अग्रवाल, होटल एंड रेस्टोरेंट से जुड़े रमेश वाधवा, अवनीश शिरोमणि, सिदार्थ अरोरा और विनय अम्बा उपस्थित रहे।