चंद्रेश की संदिग्ध मौत को परिजन मान रहे सुनियोजित हत्या, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के राकेश नगर में रविवार देर रात एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की वजह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएगी, लेकिन मृतक की मां बेटे की मौत को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं। मां और अन्य परिजन एक ही बात बोल रहे हैं कि उनके बेटे की जान लेने वालों को पकड़ा जाए। चंद्रेश की बहन तो सुध-बुध खो बैठी है।
चंद्रशे की मौत ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। 26 वर्षीय चंद्रेश का शव घर के अंदर फंदे पर लटका मिला। प्रथम दृष्टया घटना को आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए आरोप लगाया है कि उसकी हत्या कर शव को फांसी के फंदे से लटका दिया गया।
घटना सामने आने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। वहीं, परिजनों के आरोपों और पुराने विवाद के चलते यह मामला और गहराता जा रहा है।
दो दिन से लापता था चंद्रेश
मृतक के भाई बहोरन सिंह ने पुलिस को बताया कि चंद्रेश पिछले दो दिन से घर नहीं आया था। रविवार की रात उनकी बहन ममता जब पुराने घर पर पहुंचीं, तो मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। ताला खोलकर जैसे ही वह अंदर पहुंचीं, उनके होश उड़ गए। चंद्रेश का शव कमरे के अंदर फंदे पर झूल रहा था। चीख-पुकार सुनकर अन्य परिजन भी वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।
पुराने हमले और पुलिस उत्पीड़न के लगाए आरोप
बहोरन सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 1 जून को उन्हीं के घर के बाहर मोनू सविता और अमित यादव आए थे। उन्होंने तमंचे से हमला किया था। हालांकि गोली चलाने की कोशिश नाकाम रही, लेकिन जान से मारने की धमकी और इलाके में डर का माहौल बना रहा। उन्होंने बताया कि उस दिन हमलावरों के साथ रेती यादव और अन्य युवक भी थे, जिनकी पहचान कराई गई थी।
बहोरन का कहना है कि इस हमले के बाद पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन एक्शन की जगह उनके परिवार को ही निशाने पर लिया। 20 जून को पुलिस ने उनके घर दबिश दी और एक परिचित लवकुश की तलाश में पूरे घर को खंगाल डाला। लवकुश तब तक जा चुका था। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया, जिसके डर से पूरा परिवार सिकंदरा चला गया था। सिर्फ चंद्रेश कभी-कभी घर पर रुकने आता था।
पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एसीपी पीयूष कांत राय ने बताया कि शव दो दिन पुराना लग रहा है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध हालात में मौत का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस पर लगे उत्पीड़न के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चंद्रेश का एक वांछित अभियुक्त से मेलजोल था, इसी कारण पुलिस वहां गई थी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी और परिजनों के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जाएगा।