थाना छत्ता में थर्ड डिग्री प्रकरण में चौकी इंचार्ज के बाद थाना प्रभारी भी हटाए गए

आगरा। आगरा पुलिस एक बार फिर थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोपों में घिर गई है। थाना छत्ता क्षेत्र अंतर्गत जीवनी मंडी चौकी में युवक को अमानवीय तरीके से पीटे जाने के मामले में पहले चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया था, अब इस प्रकरण की आंच थाना प्रभारी छत्ता तक पहुंच गई है। आज थाना प्रभारी को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

Jan 4, 2026 - 19:02
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थाना छत्ता में थर्ड डिग्री प्रकरण में चौकी इंचार्ज के बाद थाना प्रभारी भी हटाए गए
पीड़ित नरेंद्र

युवक को बेरहमी से पीटने का आरोप, आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल

आगरा। आगरा पुलिस एक बार फिर थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोपों में घिर गई है। थाना छत्ता क्षेत्र अंतर्गत जीवनी मंडी चौकी में युवक को अमानवीय तरीके से पीटे जाने के मामले में पहले चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया था, अब इस प्रकरण की आंच थाना प्रभारी छत्ता तक पहुंच गई है। आज थाना प्रभारी को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

गौरतलब है कि सैंया थाना क्षेत्र के गांव वीरई निवासी नरेंद्र कुशवाह ने डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से शिकायत करते हुए बताया था कि वह अपने भाई धीरज कुशवाह के साथ आगरा में टेंपो से दूध सप्लाई का काम करता है। नरेंद्र खुद टेंपो चलाना नहीं जानता और केवल उसमें बैठा रहता था। घटना के दिन जीवनी मंडी क्षेत्र के गरीब नगर के बाहर उनका टेंपो खड़ा था। उसका भाई दूध देने गली में गया हुआ था। इसी दौरान वहां किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था।

‘टेंपो नहीं चलाना आता’ कहना पड़ा भारी

सूचना पर जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। कुछ लोगों को पकड़कर चौकी ले जाने के लिए टेंपो में बैठने को कहा गया। नरेंद्र ने स्पष्ट किया कि उसे टेंपो चलाना नहीं आता है, यह उसका भाई ही चलाता है। आरोप है कि इसी बात पर पुलिसकर्मियों का गुस्सा भड़क उठा और नरेंद्र के गाल पर थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद उसे जबरन चौकी ले जाया गया।

चौकी में थर्ड डिग्री, नाखून उखाड़ने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि चौकी में उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। पैरों के तलवों पर डंडों से बेरहमी से वार किए गए। पैर के अंगूठे का नाखून तक उखाड़ दिया गया। नरेंद्र की गंभीर हालत के बावजूद उसे शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। इतना ही नहीं, दरोगा पर मोबाइल फोन और जेब में रखे 1800 रुपये छीनने का भी आरोप है।

भाजपा नेता की दखल के बाद खुली कार्रवाई की फाइल

घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित के रिश्तेदार और भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह मौके पर पहुंचे। उनकी पहल पर पुलिस लाइन से जमानत कराई गई। आरोप है कि जब पीड़ित टेंपो, मोबाइल और पैसे वापस लेने थाने गया तो उसे कुछ भी लौटाया नहीं गया।

डीसीपी सिटी सख्त, अब थाना प्रभारी पर गाज

पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज रविंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। उनकी जगह गौरव राठी को नया चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की आंतरिक जांच जारी है। इसी क्रम में अब थाना छत्ता प्रभारी को भी हटा दिया गया, जिससे साफ है कि उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।

डर और दर्द के साये में पीड़ित

पुलिस की पिटाई से पीड़ित युवक अब भी ठीक से चल पाने में असमर्थ है। घटना के बाद से वह मानसिक रूप से भी भयभीत बताया जा रहा है। यह मामला एक बार फिर पुलिसिया बर्बरता और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।