दुनिया में ईसाई सबसे ज्यादा, मुस्लिम सबसे तेजी से बढ़े, धर्म पर सामने आई नई रिपोर्ट, हिंदू 15 फीसदी हुए

सिंगापुर कुल मिलाकर सबसे ज्यादा धार्मिक विविधता वाला देश है। 10 सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में धार्मिक विविधता के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिका के बाद नाइजीरिया और रूस का नंबर आता है।

Feb 16, 2026 - 21:21
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दुनिया में ईसाई सबसे ज्यादा, मुस्लिम सबसे तेजी से बढ़े, धर्म पर सामने आई नई रिपोर्ट, हिंदू 15 फीसदी हुए

लंदन। दुनिया में धार्मिक विविधता और अलग-अलग मजहब के मानने वालों पर प्यू रिसर्च सेंटर ने रिपोर्ट जारी की है। इससे पता चलता है कि दुनिया में ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों का दबदबा बरकरार है। वहीं सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म इस्लाम है। ईसाई और इस्लाम के बाद नास्तिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके बाद दुनिया में हिंदुओं की आबादी तकरीबन 15 फीसदी है। 201 देशों पर की गई स्टडी में सिंगापुर को दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से विविधता वाला देश माना गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईसाई 2.3 अरब की आबादी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा ग्रुप बने हुए हैं। हालांकि दुनिया की आबादी की रफ्तार कुछ कम हुई है। इस्लाम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बड़ा धर्म है। मुस्लिम पिछले दस सालों में 347 मिलियन (34.7 करोड़) बढ़े हैं। हिंदुओं की आबादी 126 मिलियन (12.6 करोड़) बढ़कर 1.2 अरब हो गई है। हिंदू अब दुनिया की आबादी का 14.9% है।

दुनिया में नास्तिकों (किसी धर्म को ना मानने वाले) की आबादी तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर में अब किसी धर्म को ना मानने वाले लोगों की संख्या 24.2% है, जो तीसरी सबसे बड़ी कैटेगरी है। वहीं बौद्ध धर्म को मानने वालों का एकमात्र बड़ा समूह है, जिनकी संख्या में कमी आई है। फरवरी 2026 में प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में ये आंकड़े सामने आए हैं, जो प्यू-टेम्पलटन ग्लोबल रिलीजियस फ्यूचर्स प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

धार्मिक विविधता की बात की जाए तो प्यू रिसर्च सेंटर की स्टडी के मुताबिक, सिंगापुर दुनिया का सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से अलग-अलग लोगों का देश है। बौद्ध (31%) सिंगापुर का सबसे बड़ा धार्मिक ग्रुप है। सिंगापुर की आबादी में नास्तिक 20%, ईसाई 19%, मुस्लिम 16%, हिंदू 5 और अन्य धर्मों को मानने वाले 9 फीसदी हैं।

धार्मिक विविधता में सूरीनाम दूसरे नंबर पर है। टॉप 10 में वह अकेला लैटिन अमेरिकी देश है। सूरीनाम में53% ईसाई हैं। इसके बाद हिंदू (22%), मुस्लिम (13%) और नास्तिक लोग (8%) हैं। इस लिस्ट में टॉप 10 में ताइवान, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मॉरिशस, गिनी-बिसाऊ हैं। टॉप 10 में फ्रांस अकेला यूरोपियन देश है। इसकी आबादी में 46 फीसदी ईसाई, 43 प्रतिशत नास्तिक और मुस्लिम 9% है।

अमेरिका दुनिया के 10 सबसे ज्यादा धार्मिक रूप से अलग-अलग तरह के देशों में नहीं है। हालांकि 10 सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों को देखा जाए तो धार्मिक विविधता में यूएस पहले नंबर पर है। उसके बाद नाइजीरिया, रूस, भारत और ब्राजील का नंबर आता है। यह एनालिसिस दुनिया की आबादी को सात कैटेगरी- ईसाई, मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, यहूदी, दूसरे सभी धर्मों को मानने वाले और बिना किसी धार्मिक जुड़ाव वाले लोगों का है।

इस रिपोर्ट में मुस्लिम वह ग्रुप है, जो बहुत कम अलग-अलग तरह के लोगों वाले देशों में सबसे ज्यादा रहता है। हालांकि वे अलग-अलग तरह के लोगों वाली जगहों पर भी रहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई मुस्लिम मिडिल ईस्ट-नॉर्थ अफ्रीकी देशों में रहते हैं- जहां ज्यादातर लोग इस्लाम को मानने वाले हैं।

ईसाई इस एनालिसिस में शामिल ग्रुप में सबसे ज्यादा फैले हुए हैं। इनके अलग-अलग तरह के लोगों वाले देशों में रहने की सबसे ज्यादा संभावना है। धर्म को ना मानने वाले ज्यादातर लोग अलग-अलग तरह के समाजों में रहते हैं, जैसे चीन, जहां दुनिया की दो-तिहाई अलग-अलग तरह की आबादी रहती है।

यहूदी लोग अलग-अलग तरह के देशों में बराबर बंटे हुए हैं। दुनिया की 40% यहूदी आबादी अमेरिका और 46% इजरायल में रहती है। हिंदू दुनियाभर के बड़े हिस्से में फैले हैं लेकिन ज्यादा दक्षिण एशिया में हैं। दुनिया के हिंदुओं की करीब 95% आबादी भारत में रहती है। इसके अलावा बांग्लादेश और नेपाल में हिंदुओं की अच्छी आबादी है।

बौद्ध लोग धार्मिक अलग-अलग तरह के लोगों के लेवल पर सबसे ज्यादा फैले हुए हैं। इनमें से करीब 38% अलग-अलग तरह के देशों में रहते हैं। बौद्ध लोग उन जगहों पर भी सबसे ज्यादा रहते हैं, जहां बहुत ज्यादा अलग-अलग तरह के लोग हैं। इसमें सिंगापुर, साउथ कोरिया और ताइवान जैसे देश हैं।