सीजेपी ने आंदोलन लिया वापस, सरकार ने मानी सारी मांगें, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत हुई, इसके बाद प्रेस के जरिए ऐलान किया है।
नई दिल्ली। कॉन्स्टिट्यूशन क्ल्ब में सरकार और सीजेपी के डेलीगेशन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। शिक्षामंत्री के इस्तीफे के बाद यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। तीसरे दौर की बातचीत के बाद सीजेपी की मांग सरकार ने मान ली है। साथ ही सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ बातचीत हुई। इसके बाद प्रेस के जरिए ऐलान किया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के साथ हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं। इनमें से पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले सरकार के डेलीगेशन ने अपनी बात रखी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र ने कहा, 'आंदोलन शुरू होने से पहले उनकी तीन प्रमुख मांगें थीं। इनमें से पहली मांग केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। इसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, आज कुछ देर पहले धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दे दिया।
सौरव दास ने कहा कि दूसरी मांग आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर भी सहमति जताई है। सौरभ ने बताया, 'जिन राज्यों में बीजेपी या उसके गठबंधन की सरकारें हैं, वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी और भविष्य में भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी की टीम के सदस्यों के खिलाफ भी किसी तरह का एक्शन नहीं होगा।'
आशुतोष रांका ने कहा, 'सरकार मंगलवार तक अपनी गारंटी लिखित रूप में दे देगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर भी सहमति बन गई है। सरकार ने हमारी सभी प्रमुख मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है, इसलिए हम आंदोलन वापस लेने का ऐलान करते हैं।'
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, 'आंदोलनकारियों ने चार सूत्री लिखित मसौदा सरकार को सौंपा था। इसमें सभी राज्यों में दर्ज एफआईआर वापस लेने, नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने और शिक्षा सुधारों को लेकर आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए चार्टर का अध्ययन करने और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है।'
ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सीजेपी ने बयान जारी किया है। सीजेपी ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना देशव्यापी आंदोलन तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है। सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी की सभी मांगे मान ली है। नीट पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। केंद्र सरकार और एनडीए-शासित राज्यों द्वारा दर्ज सभी एफआईआर वापस ले ली जाएंगी। भविष्य में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार सीजेपी के परीक्षा सुधार से जुड़े 5-सूत्री प्रस्ताव पर विचार करेगी और इन सुधारों पर आगे चर्चा के लिए सीजेपी सरकार के साथ बैठक करेगी।