वैदिक चेतना का शंखनाद: आठ सौ आर्यजनों की शोभायात्रा से आगरा गूंजा, कल से तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन का शुभारंभ
वेदों की ओर लौटने, नशामुक्त समाज, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ गुरुवार को आगरा की सड़कों पर वैदिक चेतना का विराट दृश्य देखने को मिला, जब आर्य केंद्रीय सभा के तत्वावधान में लगभग आठ सौ आर्यजनों ने वैदिक संस्कारों के साथ वृहद शोभायात्रा निकालकर पूरे शहर को तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन में सहभागिता का आमंत्रण दिया।
आगरा। आर्य केंद्रीय सभा की ओर से कमला नगर स्थित जनक पार्क में 30, 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन से पूर्व गुरुवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, उद्घोष और अनुशासनबद्ध पंक्तियों के साथ निकली इस यात्रा ने पूरे शहर में आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना का वातावरण बना दिया।
प्रधान सीए मनोज खुराना ने बताया कि वेदों में निहित सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा देने में पूर्णतः सक्षम हैं। सुबह नौ बजे हवन और प्रवचन के उपरांत शोभायात्रा जनक पार्क से प्रारंभ होकर कमला नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः जनक पार्क पर ही संपन्न हुई। इस दौरान लगभग 800 आर्यजनों ने “वेदों की ओर लौटो” का उद्घोष करते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों, पाखंड, ढोंग और अंधविश्वास के विरुद्ध जागरूकता का संदेश दिया।
सभा के मंत्री वीरेंद्र कनवर ने बताया कि नशामुक्ति, शिक्षा का प्रसार, नारी सम्मान और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को केंद्र में रखकर अखिल भारतीय स्तर पर आयोजनों की श्रृंखला चलाई जा रही है, जिसके तहत आगरा में यह आर्य महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। महासम्मेलन में वैदिक विद्वान स्वामी रामदेव, स्वामी आर्यवेश, आचार्य स्वदेश, आचार्य वागीश, कुलदीप आर्य, राजीव गुलाटी, जितेंद्र भाटिया और आचार्या पवित्रा वैदिक विचारों पर गहन मंथन करेंगे।
कार्यक्रम संयोजक प्रदीप कुलश्रेष्ठ ने बताया कि ऐतिहासिक शोभायात्रा में आर्यवीर दल के बच्चों ने अनुशासन, शारीरिक दक्षता और राष्ट्रभाव का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान वेद मंत्रों का उच्चारण, संजीव वैदिक हवन की झांकी तथा महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों से सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। मार्ग में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
शोभायात्रा का उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध जनचेतना जगाना, युवाओं को चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना तथा वैदिक जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना रहा। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, आर्य अश्वनी, प्रेमा कनवर, सुमन कुलश्रेष्ठ, नमिता शर्मा, रितिका अरोरा, विकास आर्य, अनुज आर्य, अरविंद मेहता, डॉ. अनुपम गुप्ता, भारत भूषण सामा, प्रदीप डेम्बल, वंदना आर्य, राजीव दीक्षित, विजय अग्रवाल, आलोक आर्य, यतेंद्र आर्य, सुशील असीजा, अवनींद्र गुप्ता, वीरेंद्र खंडेलवाल, राजकुमार आहुजा, अश्वनी डेम्बल, रंगलाल गौतम सहित बड़ी संख्या में आर्यजन उपस्थित रहे।