आगरा में परसों होगा ‘लॉर्ड्स ऑफ गिर’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन, शेरों की दुनिया से रूबरू होंगे लोग

आगरा। प्रकृति और वन्यजीवन के प्रेमियों के लिए 26 अक्टूबर का दिन खास होने वाला है। इस दिन शहर के उद्योगपति, समाजसेवी और वन्यजीवन फोटोग्राफर हरिविजय सिंह बाहिया द्वारा रॉकस्टार ऑफ बेरा के बाद दूसरी कॉफी टेबल बुक ‘लॉर्ड्स ऑफ गिर’ (LORDS OF GIR) का विमोचन होटल क्लार्क्स शिराज में किया जाएगा। इस पुस्तक में गुजरात के गिर के जंगलों और वहां के शाही शेरों के जीवन को शानदार फोटोग्राफी और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ दर्शाया गया है।

Oct 24, 2025 - 19:48
Oct 24, 2025 - 19:49
 0
आगरा में परसों होगा ‘लॉर्ड्स ऑफ गिर’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन, शेरों की दुनिया से रूबरू होंगे लोग
डॉ. दिव्यभानु सिंह चावड़ा  और डॉ. एमके रंजीतसिंह झाला।

इस अवसर पर देश के दो महान वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. दिव्यभानु सिंह चावड़ा  और डॉ. एमके रंजीतसिंह झाला मौजूद रहेंगे। डॊ. चावड़ा “द स्टोरी ऑफ एशियाज़ लॉयंस”, “द लॉयंस ऑफ इंडिया” और “द स्टोरी ऑफ इंडिया’ज़ यूनिकॉर्न्स” जैसी प्रसिद्ध पुस्तकों के लेखक हैं। साथ ही डब्ल्यूडब्ल्यूएफ–इंडिया  के अध्यक्ष और बीएनएचएस के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए दशकों तक वन्यजीव संरक्षण में अमूल्य योगदान दिया है।

वहीं डॉ. एमके रंजीतसिंह झाला भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रमुख निर्माता हैं। वे सौराष्ट्र के वांकानेर राजघराने से हैं और भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए वन्यजीवों के हित में निर्णायक नीतियां बनाई हैं।

बता दें कि हरिविजय सिंह बाहिया ने अपने कैमरे के माध्यम से वर्षों तक भारत के वन्यजीवन की आत्मा को कैद किया है। गुजरात के गिर जंगलों में बिताए गए उनके अनुभव और शेरों के प्रति संवेदनशीलता इस पुस्तक में जीवंत रूप से झलकती है। उन्होंने कहा है कि जंगल केवल पेड़ और जानवरों का संसार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, विरासत और अस्तित्व का आईना हैं।

यह पुस्तक केवल शेरों और जंगलों की कहानी नहीं है, बल्कि भारतीय वन्यजीवन के गौरव, संरक्षण की आवश्यकता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का जीवंत दस्तावेज़ है। आने वाली पीढ़ियों को वन्यजीवन संरक्षण के लिए प्रेरित करने वाली यह पुस्तक प्रकृति, फोटोग्राफी और संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों के लिए एक अमूल्य संसाधन साबित होगी।

विमोचन समारोह में प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर, लेखक, पर्यावरणविद् और विद्यार्थी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम न केवल आगरा, बल्कि पूरे भारत में वन्यजीवन और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक मंच बनेगा।

SP_Singh AURGURU Editor