दयालबाग में सेवा-समर्पण का संगमः गुरु डॉ. एमबी लाल साहब के भंडारा पर्व पर धान रोपाई और वैश्विक संवाद
आगरा। परम गुरु हुज़ूर डॉ. एम. बी. लाल साहब के पावन भंडारा पर्व पर दयालबाग में धान रोपाई सेवा के साथ भक्ति और समर्पण का विलक्षण दृश्य सामने आया। लगभग 65 एकड़ जैविक भूमि पर धान की रोपाई का कार्य आरंभ किया गया है, जिसमें से 30 एकड़ क्षेत्र में कार्य पूर्ण हो चुका है।
इस सेवाकार्य में उत्तर बिहार, उत्तर प्रदेश और देशभर से आए 1138 से अधिक सेवकों के साथ ही दयालबाग व आसपास की शाखाओं के सैकड़ों सत्संगी भाई-बहन, बुज़ुर्ग और बच्चे तन-मन से जुटे हैं। खेतों में सेवा करते चेहरों पर भक्ति और श्रम का अद्भुत संतुलन दिखाई दिया।
छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना वैश्विक संवाद
आज सुबह धान नर्सरी कुआं नंबर 4 के समीप डेबोर्डिंग स्कूल, दयालबाग और उत्तर अमेरिका के छात्रों के बीच एक विशेष संवाद आयोजित हुआ। संवाद का विषय था- विश्व शांति और उसके स्थायित्व हेतु दयालबाग मॉडल।
इस आयोजन में शांति, सह-अस्तित्व और टिकाऊ विकास जैसे वैश्विक विषयों पर गहन विचार विमर्श हुआ। युवाओं ने दयालबाग मॉडल को विश्व पटल पर अपनाने की आवश्यकता बताई।
संत परह्यूमन योजना के बच्चों ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
धान रोपाई सेवा के बीच संत परह्यूमन योजना से जुड़े बच्चों द्वारा प्रातः और सायंकालीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें आध्यात्मिक चेतना, सेवा भावना और संस्कारों की झलक मिली। इन कार्यक्रमों ने दर्शकों को गहराई से छू लिया और कई भावविभोर हो उठे।
ग्रेशस हुज़ूर और रानी साहिबा की गरिमामयी उपस्थिति
इस समग्र आयोजन की शोभा तब और बढ़ गई जब परम ग्रेशस हुज़ूर प्रोफ़ेसर प्रेम सरन सतसंगी साहब और परम आदरणीय रानी साहिबा जी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनकी प्रेरणादायक उपस्थिति और मौन आशीर्वाद ने उपस्थित सत्संगियों को नई ऊर्जा और उल्लास से भर दिया।
देश-विदेश की 500 से अधिक शाखाओं में सीधा प्रसारण
इस विराट आयोजन का लाइव टेलीकास्ट देश-विदेश की 500 से अधिक सत्संग शाखाओं में किया गया, जिससे लाखों भक्तगण ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से जुड़कर इस आध्यात्मिक पर्व में सहभागी बने।