हिंदी को राष्ट्र की आत्मा मानते हुए 1 जुलाई से 26 जुलाई तक चलेगा जागरूकता अभियान
आगरा। हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती (पंजीकृत न्यास) की उत्तर प्रदेश इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक संस्था के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 जुलाई से 26 जुलाई तक हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही यह भी तय हुआ कि 27 जुलाई को संस्था की जिला कार्यसमिति का विधिवत गठन किया जाएगा।
डॉ. देवी सिंह नरवार ने बैठक में संस्था का परिचय देते हुए बताया कि यह संगठन 36 देशों में सक्रिय है और इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी मान्यता प्राप्त है। संस्था न केवल भाषा की सेवा कर रही है, बल्कि भारतीय चिंतन, दर्शन और मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु भी कार्यरत है।
वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना ने कहा कि हिन्दी विश्व की सबसे समृद्ध भाषाओं में से एक है। देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता और उसमें सभी भाषाओं को समाहित करने की क्षमता अद्वितीय है। बैठक में उपस्थित सभी हिन्दी प्रेमियों ने हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु आजीवन कार्य करने का संकल्प लिया।
संस्था के प्रचार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्रीमती विमला देवी इंटर कॉलेज, एत्मादपुर के अंग्रेज़ी प्रवक्ता डॉ. के.पी. सिंह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम संस्था की योजनाओं और उद्देश्यों को जनसाधारण तक पहुंचाने का कार्य करेगी।
बैठक में डॉ. योगेन्द्र सिंह, डॉ. के.पी. सिंह, रमेश सिंह यादव, देवेन्द्र कुमार, श्याम सिंह, डॉ. सोनवीर सिंह, श्रीमती कुसुम शर्मा, कृष्णवीर सिंह, अवधेश सिंह, अमित कुमार, श्रीमती कृष्णा, डॉ. अतुल कुमार वर्मा सहित अनेक गणमान्य प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे।