पाकिस्तानी वीडियो मुरादाबाद का बताकर दंगा भड़काने की साजिश नाकाम, मुजफ्फरनगर में तीन गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर पुलिस ने समय रहते बड़ी सांप्रदायिक साजिश को विफल कर दिया है। इस मामले में पाकिस्तान और आतंकी संगठनों की संलिप्तता की जांच अब केंद्र में है। सावन की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया, लेकिन सतर्क सुरक्षा तंत्र ने इसे विफल कर एक बड़ा खतरा टाल दिया।

Jul 21, 2025 - 22:53
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पाकिस्तानी वीडियो मुरादाबाद का बताकर दंगा भड़काने की साजिश नाकाम, मुजफ्फरनगर में तीन गिरफ्तार
पाकिस्तान का वीडियो मुरादाबाद का वायरल करने वाले वे तीनों आरोपी जिन्हें मुजफ्फरनगर पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर दंगे की साजिश को विफल कर दिया।

आगरा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव फैलाने की एक बड़ी साजिश को मुजफ्फरनगर पुलिस ने नाकाम कर दिया है। सोमवार को पुलिस ने ककरौली क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने पाकिस्तान के एक पुराने वीडियो को मुरादाबाद का बताकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसका उद्देश्य सावन के पवित्र माह में दंगा भड़काना और आतंकी घटना की जमीन तैयार करना था।

फर्जी वीडियो से भड़काने की साजिश

गिरफ्तार आरोपी नदीम, मंशर और रहीस ककरौली गांव के निवासी हैं और अधिकतम 5वीं तक पढ़े हैं। इन्होंने पाकिस्तान के मिफ्फरीध जिले की वर्ष 2024 की एक दर्दनाक घरेलू हत्या का वीडियो उठाया, जिसमें एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी और सात बच्चों की हत्या कर दी थी। इस वीडियो को मुरादाबाद जनपद के मसर्पुर गांव का बताकर वायरल किया गया।

ऑडियो के जरिए फैलाई गई अफवाह

वीडियो के साथ एक भड़काऊ ऑडियो जोड़ा गया, जिसमें यह झूठ फैलाया गया कि बजरंग दल के लोग मुस्लिम घरों में घुसकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की हत्या कर रहे हैं। इसमें 50 से अधिक मुस्लिमों की मौत का दावा किया गया और लोगों से वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई।

डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह के मुताबिक, यह कोई साधारण अफवाह नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी आतंकवादी साजिश थी। इसका मकसद लोगों को इस हद तक भड़काना था कि कुछ कट्टरपंथी तत्व एकल आतंकवादी हमला कर डालें, यानि अकेले व्यक्ति द्वारा बिना संगठन के मदद के हमला किया जाए।

पाकिस्तान और आईएसआई कनेक्शन की जांच

पुलिस को शक है कि इस साजिश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका हो सकती है। ऐसे कई वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की गई है, जिनमें सैकड़ों सदस्य हैं और इन्हीं के जरिए अफवाह फैलाई गई। पुलिस दूसरे जिलों और राज्यों में भी इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

तीन मोबाइल जब्त, केस दर्ज

गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनके खिलाफ थाना ककरौली में विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जाएगा।

सावन को बनाया साजिश का ज़रिया

साजिशकर्ताओं ने जानबूझकर सावन के दूसरे सोमवार को इस वीडियो को फैलाया, जब कांवड़ यात्रा पूरे शबाब पर होती है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर रहती है। इसका मकसद धार्मिक आस्था को टारगेट कर सांप्रदायिक टकराव पैदा करना था।

SP_Singh AURGURU Editor