आगरा में दबिश विवाद- बिना महिला पुलिसकर्मी के घर में घुसे दारोगा, अभद्रता के आरोप साबित

आगरा। पति-पत्नी के विवाद में नियमों की अनदेखी कर दबिश देने वाले सदर थाने के दो दारोगा अब खुद फंस गए हैं। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों पुलिसकर्मी बिना महिला पुलिसकर्मी के गांव मनकेड़ा स्थित एक घर में घुस गए थे और इस दौरान महिलाओं से अभद्रता के आरोप भी सामने आए। जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद दोनों दारोगाओं एसआई मोहित चौधरी और आकाश धामा को दोषी माना गया है। उच्चाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Nov 13, 2025 - 12:38
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आगरा में दबिश विवाद- बिना महिला पुलिसकर्मी के घर में घुसे दारोगा, अभद्रता के आरोप साबित
दबिश देने गए दोनों दरोगा सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहे हैं।

विभागीय जांच में दोषी पाए गए दोनों अधिकारी, मनकेड़ा गांव में पति-पत्नी के विवाद के बहाने पुलिस की कार्रवाई उलटी पड़ी, सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल, अब मुख्यालय से कड़ी कार्रवाई की तैयारी

आगरा। पति-पत्नी के विवाद में नियमों की अनदेखी कर दबिश देने वाले सदर थाने के दो दारोगा अब खुद फंस गए हैं। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों पुलिसकर्मी बिना महिला पुलिसकर्मी के गांव मनकेड़ा स्थित एक घर में घुस गए थे और इस दौरान महिलाओं से अभद्रता के आरोप भी सामने आए। जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद दोनों दारोगाओं एसआई मोहित चौधरी और आकाश धामा को दोषी माना गया है। उच्चाधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

घटना 7 सितंबर की है। मनकेड़ा निवासी नरेंद्र चाहर के घर पति-पत्नी के विवाद को सुलझाने के नाम पर सदर पुलिस की टीम पहुंची थी। आरोप है कि एसआई मोहित चौधरी और आकाश धामा सादे कपड़ों में घर में दाखिल हुए और किसी भी कानूनी प्रक्रिया या महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी का ध्यान नहीं रखा गया। परिवार की महिलाओं ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार और डराने-धमकाने के आरोप लगाए थे।

सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत 

पीड़िता नीरज चाहर ने घटना का सीसीटीवी फुटेज सहित आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने अपर पुलिस उपायुक्त अपराध हिमांशु गौरव को जांच सौंपी।

जांच में उजागर हुए गंभीर तथ्य

अपर डीसीपी हिमांशु गौरव की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दबिश के समय महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। पुलिस टीम ने जबरन घर में प्रवेश किया, जो सीसीटीवी वीडियो से साबित हुआ। घटना के 28 दिन बाद नरेंद्र चाहर के खिलाफ पिस्टल चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसे जांच में संदिग्ध और बाद की कार्रवाई बताया गया। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि दोनों दारोगाओं की भूमिका अनुचित और नियमविरुद्ध थी।

शिकायत करने पर उल्टा मुकदमा

शिकायत वायरल होने के बाद 8 सितंबर को एसआई मोहित चौधरी ने उलटा नरेंद्र चाहर पर सरकारी कार्य में बाधा का केस दर्ज करा दिया। हालांकि जांच रिपोर्ट में इस केस को बाद में दबाव बनाने की कोशिश बताया गया है। विभागीय जांच के बाद रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक कार्यालय को भेज दी गई है, जहां से दोनों अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।

सीमा देवी–पुष्पेंद्र विवाद से जुड़ा मामला

पूरा विवाद दरअसल जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी सीमा देवी और उनके पति पुष्पेंद्र के बीच लंबे समय से चल रहे झगड़े से जुड़ा है। सीमा देवी की शिकायत पर 30 सितंबर को मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद 5 अक्टूबर को पुष्पेंद्र ने उलटा अपनी पत्नी और साले नरेंद्र चाहर पर ₹50,000 और पिस्टल चोरी का आरोप लगाया। इसी सिलसिले में पुलिस ने मनकेड़ा गांव में दबिश दी थी, जो अब खुद कानूनी पचड़े में बदल गई।

आगे की कार्रवाई

रिपोर्ट में दोष सिद्ध होने के बाद पुलिस मुख्यालय से दोनों दारोगाओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण ने फील्ड ड्यूटी में प्रक्रियात्मक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब पुलिस कमिश्नर  स्तर पर यह तय किया जाएगा कि दोनों अधिकारियों को निलंबित किया जाए या लाइन हाजिर कर आगे की विभागीय जांच कराई जाए। पति-पत्नी के निजी विवाद में बिना महिला पुलिसकर्मी के दबिश देना, घर में जबरन प्रवेश और अभद्रता के आरोप, ये सभी तथ्य अब विभागीय जांच में प्रमाणित हो चुके हैं। इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी साबित किया है कि नियमों की अनदेखी पर अब विभाग कठोर रुख अपनाने को तैयार है।