धर्मांतरण गैंग को विदेशों से अब तक 200 करोड़ मिलने का मतलब ईडी की एंट्री तय!
आगरा। आगरा पुलिस और यूपी एसटीएफ की कार्रवाई में सामने आया धर्मांतरण गैंग अब केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर आ चुका है। खुफिया ब्यूरो (आईबी) तो पहले ही सक्रिय हो चुका है, और अब 200 करोड़ की विदेशी फंडिंग सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच की संभावना भी प्रबल हो गई है।
मामला दो सौ करोड़ की विदेशी फंडिंग से जुड़ा है
जिन दस आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया गया है, उनमें से एक मुख्य आरोपी आयशा ने पूछताछ में यह स्वीकार किया है कि उसके पास 200 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग पहुंच चुकी थी। यही नहीं, वह रकम देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय धर्मांतरण एजेंटों तक पहुंचाई भी जाती थी।
चूंकि यह पूरा नेटवर्क भारी विदेशी लेन-देन और संदिग्ध उपयोग पर आधारित है, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के तहत शुरू कर सकता है।
लश्कर जैसे संगठनों से लिंक तलाश रही एसटीएफ
उप्र एसटीएफ अपनी पड़ताल में इस गैंग की संलिप्तता लश्कर जैसे संगठनों से होने के लिंक भी तलाश रही है। यदि इन कड़ियों की पुष्टि होती है तो यह मामला सिर्फ अवैध फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ जाएगा। ऐसे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की भूमिका भी अहम हो सकती है।
आईबी पहले से कर रही निगरानी
गैंग के नेटवर्क, फंडिंग स्रोत और कथित आतंकी कनेक्शन को लेकर आईबी पहले ही सक्रिय हो चुकी है। आईबी अब आगरा पुलिस और एसटीएफ से प्राप्त जानकारियों के आधार पर अपना काम कर रही है। अब केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है।