जेवर में बनेगा देश का सबसे बड़ा फुटवियर-लैदर हबः आगरा के जूता कारोबार को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान
आगरा/नोएडा। चमड़ा और जूता उद्योग के लिए की एक ऐतिहासिक पहल आगरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास सेक्टर-8 में 100 एकड़ भूमि फुटवियर एंड लैदर पार्क के लिए आवंटित कर दी है। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त मेगा लैदर क्लस्टर का निर्माण होगा, जिससे 3,000 करोड़ रुपये के निवेश और तीन लाख से अधिक रोजगार की संभावना जताई जा रही है।
-यीडा ने जेवर एयरपोर्ट के पास आवंटित की सौ एकड़ भूमि, तीन लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
पूरन डावर की अगुवाई में उद्योग को नई दिशा
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद (डीसीएफएलआई) के चेयरमैन नियुक्त किए गए पूरन डावर ने पदभार ग्रहण करने के बाद ही उद्योग हित में इसकी पहल की थी। इसी कड़ी में उन्होंने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह (आईएएस) से मुलाकात कर यह ज़मीन आवंटन सुनिश्चित कराया। यीडा ने ज़मीन 9,775 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से आवंटित करते हुए तत्काल लेटर ऑफ इंटेंट भी जारी कर दिया है।
एयरपोर्ट से सटा स्थान, निर्यातकों के लिए लाभदायक
इस मेगा लेदर पार्क की खासियत यह है कि यह जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पूर्वी द्वार के बिल्कुल पास होगा। जिससे देश-विदेश से माल आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर निर्यातकों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
हर सुविधा एक ही छत के नीचे
इस औद्योगिक पार्क में उत्पादन इकाइयों के साथ-साथ श्रमिकों के लिए आवास, सामुदायिक भवन, परिवहन, सामग्री भंडारण और प्रबंधन की सुविधाएं भी होंगी। यह क्लस्टर एक तरह से "स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउन" के रूप में विकसित किया जाएगा।
नीतिगत समर्थन से मिलेगी मजबूती
पूरन डावर ने बताया कि अब इस परियोजना को इन्वेस्ट यूपी से मूल्यांकन कराना आवश्यक होगा, ताकि उत्तर प्रदेश फुटवियर नीति के तहत भूमि सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन लाभ प्राप्त किए जा सकें। साथ ही यह परियोजना केंद्र सरकार की मेगा लेदर क्लस्टर नीति के अंतर्गत भी अनुकूल बैठती है, जिससे केंद्र की सहायता भी प्राप्त हो सकती है।
देश की आर्थिक तस्वीर बदलेगा यह क्लस्टर
पूरन डावर ने इस अभूतपूर्व निर्णय पर डॉ. अरुणवीर सिंह और यीडा प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश को चमड़ा एवं जूता उद्योग का सिरमौर बनाएगी, बल्कि भारत के निर्यात बढ़ोतरी में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। आगरा जैसे पारंपरिक केंद्र को इससे नई ऊर्जा और विस्तार मिलेगा।
परियोजना के मुख्य बिंदु
-यीडा ने सेक्टर-8, जेवर में 100 एकड़ भूमि दी।
-थोक दर 9,775 रुपये प्रति वर्गमीटर पर आवंटन।
-अगले दो माह में ज़मीन का कब्जा सौंपा जाएगा।
-3,000 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश।
-3 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार।