लोन के नाम पर ग्राहकों को लगाया चूना, इंडसइंड बैंक से जुड़ी कंपनी के चार कर्मचारियों पर मुकदमा
आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में लोन दिलाने के नाम पर पांच ग्राहकों से 2.32 लाख रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। इंडसइंड बैंक से जुड़ी कंपनी के चार कर्मचारियों—विकास कुमार, रवि कुमार, जय प्रकाश धनगर और सुनील कुमार—पर लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर ग्राहकों से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराने का आरोप है। विभागीय जांच और फील्ड वेरिफिकेशन में कथित अनियमितता सामने आने के बाद ब्रांच मैनेजर जितेंद्र यादव की शिकायत पर सिकंदरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस लेनदेन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
आगरा। सिकंदरा थाना क्षेत्र में लोन स्वीकृत कराने के नाम पर ग्राहकों से ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराकर कथित रूप से हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। आरोप इंडसइंड बैंक से जुड़ी कंपनी के चार कर्मचारियों पर लगा है। मामले में पांच ग्राहकों से कुल 2 लाख 32 हजार 418 रुपये की कथित हेराफेरी किए जाने की बात सामने आई है। बैंक स्तर पर हुई विभागीय जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान रकम के लेनदेन में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। इस मामले में ब्रांच मैनेजर जितेंद्र यादव की शिकायत पर सिकंदरा थाने में चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। नामजद आरोपियों में विकास कुमार, रवि कुमार, जय प्रकाश धनगर और सुनील कुमार शामिल हैं।
लोन स्वीकृत कराने के नाम पर कराया ऑनलाइन भुगतान
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों पर ग्राहकों को लोन दिलाने और लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा देकर उनसे ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराने का आरोप है। बताया गया है कि अलग-अलग ग्राहकों से प्रक्रिया के नाम पर रकम ली गई, लेकिन बाद में इन पैसों के इस्तेमाल और खातों में हुए लेनदेन को लेकर सवाल खड़े हो गए। मामला सामने आने के बाद संबंधित स्तर पर ग्राहकों के दस्तावेजों और लेनदेन की जानकारी की जांच की गई। इसके साथ ही फील्ड वेरिफिकेशन कराया गया। जांच के दौरान पांच ग्राहकों से संबंधित रकम के लेनदेन में कथित अनियमितता सामने आई। कुल 2,32,418 रुपये की रकम का हिसाब संदिग्ध पाए जाने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
विभागीय जांच के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
विभागीय स्तर पर जांच और फील्ड वेरिफिकेशन में कथित हेराफेरी सामने आने के बाद ब्रांच मैनेजर ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर सिकंदरा पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, ग्राहकों के बयान, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और संबंधित बैंक खातों की जानकारी की जांच करेगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि ग्राहकों से किस आधार पर रकम ट्रांसफर कराई गई और कथित रूप से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल कहां किया गया।
पांच ग्राहकों से जुड़ा है मामला
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कथित हेराफेरी का मामला पांच ग्राहकों से जुड़ा हुआ है। सभी लेनदेन और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरी रकम किस तरीके से और किन परिस्थितियों में ट्रांसफर कराई गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मामले में नामजद चारों आरोपियों की क्या भूमिका थी और क्या इस प्रकरण में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। फिलहाल सिकंदरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।