बरेली में महाराणा प्रताप जयंती जुलूस का दलित महिलाओं ने रोका रास्ता, पुलिस दखल के बाद निकला जुलूस
बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र के महेशपुर ठकुरान गांव में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती पर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब दलित समुदाय की महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जुलूस का रास्ता रोक दिया। गांव में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हालात बिगड़ते देख पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा। कई घंटों की मशक्कत, बातचीत और समझौते के बाद आखिरकार जुलूस को निर्धारित रूट से सकुशल निकाला जा सका। पूरे घटनाक्रम ने गांव में पुरानी रंजिश और सामाजिक तनाव को फिर सतह पर ला दिया।
महिलाओं ने लगाया भेदभाव का आरोप, कहा- हमारा जुलूस रोका था, अब किसी का नहीं निकलने देंगे
गांव की दलित महिलाओं ने पुलिस प्रशासन और दूसरे पक्ष पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया। मौके पर मौजूद सुनीता नाम की महिला ने कहा कि कुछ समय पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर जब उनका जुलूस निकाला जा रहा था, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने विरोध किया था और पुलिस बुलाकर उनका जुलूस रुकवा दिया गया था। महिलाओं का आरोप था कि उस समय उनके महापुरुष के जुलूस का अपमान हुआ और प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की। इसी नाराजगी के चलते शनिवार को महिलाएं सड़क पर उतर आईं और साफ चेतावनी दी कि जब हमारा जुलूस नहीं निकलने दिया गया, तो अब हम भी किसी का जुलूस नहीं निकलने देंगे।
पुलिस और ग्रामीणों के बीच घंटों चली तनातनी
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतीश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं थीं। हालात बिगड़ते देख गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को थाने बुलाकर वार्ता कराई। बताया गया कि कई दौर की बातचीत के बाद लिखित समझौते की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके बाद मामला शांत हो सका।
शाम पांच बजे निकला जुलूस, पुलिस रही अलर्ट
पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि जुलूस के रूट को लेकर गांव के दो पक्षों में मतभेद की सूचना मिली थी। समय रहते पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों से वार्ता की और आपसी सौहार्द के साथ लिखित समझौता कराया गया। उन्होंने बताया कि समझौता दोपहर करीब एक बजे हुआ, जिसके बाद शाम पांच बजे जुलूस निर्धारित रूट से निकाला गया और शाम सात बजे सकुशल संपन्न हो गया। एसपी सिटी ने गांव में किसी बड़े विवाद की सूचना को भ्रामक बताया।
ग्रामीण बोले- प्रशासन सिर्फ एक पक्ष की सुनता है
वहीं गांव के कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर एकतरफा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि प्रशासन हमेशा एक पक्ष की बात सुनता है और जब उनकी बारी आती है तो उन्हें डराया और धमकाया जाता है।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश खत्म कराने की कोशिश में जुटा है।