यूपी में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज, राज्यपाल से मिले सीएम योगी, छह नए चेहरों को लेने की अटकलें

 सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मुलाकात की है। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज हो गई है।

May 9, 2026 - 20:32
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यूपी में कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज, राज्यपाल से मिले सीएम योगी, छह नए चेहरों को लेने की अटकलें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम लखनऊ में जनभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि रविवार या सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की चर्चा है। हालांकि, अभी तक इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। सीएम योगी पिछले समय में उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहे हैं। पश्चिम बंगाल में सुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद इस मुलाकात के बाद चर्चा का बाजार गरमाया हुआ है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात के दौरान उन्हें लालचंद राम की लिखित पुस्तक 'भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा' भेंट की। सीएम ऑफिस की ओर से राज्यपाल से इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है। दूसरी तरफ, लखनऊ के सियासी महकमे में कैबिनेट विस्तार की चर्चा शनिवार दोपहर बाद से ही गरमाई हुई है। योगी सरकार में शामिल होने वाले छह नाम भी सामने आए हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच चर्चा में आए नामों को रविवार को राजधानी लखनऊ में ही रहने को कहा गया है। मंत्रिमंडल में छह नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके भूपेंद्र चौधरी के नाम को लगभग तय बताया जा रहा है।

योगी मंत्रिमंडल में भूपेंद्र चौधरी के साथ-साथ पूजा पाल, मनोज पांडेय आदि के नाम भी लिए जा रहे हैं। पूजा पाल का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पार्टी इस दांव से कई निशाने साध सकती है। महिला और पिछड़े वर्ग का कोटा पूरा करने के साथ ही भाजपा उन्हें सपा को घेरने के लिए सियासी हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है।

योगी मंत्रिमंडल में कई मंत्रियों के काम को लेकर पिछले दिनों सवाल उठे थे। सीनियर नेतृत्व इससे खुश नहीं था। हालांकि, चुनाव नजदीक आने के कारण दावा किया जा रहा है कि अब कैबिनेट का विस्तार तो होगा, लेकिन न तो कोई मंत्री हटाया जाएगा और न ही किसी का विभाग बदला जाएगा। इससे मंत्रिमंडल से नाम कटने से आशंका से परेशान नेताओं को कुछ हद तक राहत मिलती दिख रही है।