मातृ दिवस पर संस्कार और संस्कृति का भावनात्मक संगम: कहीं बच्चों ने मां के चरण छूकर लिया आशीर्वाद, तो कहीं मातृ शक्ति के सम्मान में सजे गीत-संगीत और उल्लास के रंग

आगरा में मातृ दिवस पर संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को समर्पित विभिन्न संस्थाओं के कार्यक्रमों ने भावनाओं, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संदेश दिया। कहीं विद्यालयों में बच्चों ने अपनी माताओं का पूजन कर सम्मान व्यक्त किया तो कहीं महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्सवों के माध्यम से मातृत्व की गरिमा को जीवंत किया। इन आयोजनों में शिक्षा, संस्कार, परिवार और मातृ शक्ति के महत्व को केंद्र में रखते हुए समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।

May 9, 2026 - 17:56
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मातृ दिवस पर संस्कार और संस्कृति का भावनात्मक संगम: कहीं बच्चों ने मां के चरण छूकर लिया आशीर्वाद, तो कहीं मातृ शक्ति के सम्मान में सजे गीत-संगीत और उल्लास के रंग
अग्रमिलन महिला समिति, कर्मयोगी एक्सटेंशन द्वारा मातृ दिवस पर कमला नगर स्थित बीबी ग्रैंड होटल में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में उपस्थित सदस्याएं।

अग्रमिलन महिला समिति का मातृ दिवस समारोह बना आकर्षण का केंद्र

अग्रमिलन महिला समिति, कर्मयोगी एक्सटेंशन द्वारा मातृ दिवस के उपलक्ष्य में कमला नगर स्थित बीबी ग्रैंड होटल में भव्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं का रोली-तिलक एवं पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि मानसी अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि रिशिता एवं संस्था की संस्थापिका पार्षद कंचन बंसल ने महाराज अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में समिति सदस्याओं ने सामूहिक राष्ट्रगीत गायन किया। सुहानी अग्रवाल ने गणेश वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि महिलाओं के रंगारंग नृत्यों ने समारोह में उत्साह भर दिया। महिलाओं के लिए प्रश्नोत्तरी, तम्बोला, पंक्चुअलिटी गेम सहित कई मनोरंजक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मानसी अग्रवाल ने कहा कि मातृ शक्ति समाज की सबसे बड़ी प्रेरणा है। इस अवसर पर शिल्पी गर्ग, आशी गर्ग, कविता गर्ग, ममता अग्रवाल, ज्योति मित्तल, इंदु, प्रीति गोयल, पायल सिंघल, संगीता अग्रवाल, अंजलि अग्रवाल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।

अभिभावक सम्मेलन में गूंजे संस्कार और शिक्षा के संदेश

श्री बाबूलाल गोयल सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मातृ दिवस पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम की एक झलक।

श्री बाबूलाल गोयल सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तहसील मार्ग आगरा में मातृ दिवस पर प्रेरणादायी अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की कार्यपद्धति, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं बच्चों के समग्र विकास के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पार्थसारथी शर्मा, मुख्य वक्ता लेखिका श्रीमती भावना वरदान शर्मा एवं प्रधानाचार्य श्री राजकुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

प्रधानाचार्य राजकुमार ने कहा कि शिक्षा केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के निर्माण का माध्यम है। डॉ. पार्थसारथी शर्मा ने स्वच्छता और संस्कारों पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता भावना वरदान शर्मा ने छात्र संसद एवं शिशु भारती के पदाधिकारियों को गोपनीयता की शपथ दिलाई और कहा कि भारतीय संस्कृति में घर ही संस्कारों की पहली पाठशाला है। कार्यक्रम में बच्चों ने गीत, नृत्य और मातृ पूजन की प्रस्तुतियों से सभी को भावुक कर दिया। महाराणा प्रताप जयंती पर उनके चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर बच्चों को प्रेरक प्रसंग सुनाए गए।

टीयर्स संस्थान में मदर्स डे पर भावनाओं और मुस्कानों से सजा कार्यक्रम

मातृ दिवस पर टीयर्स संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम प्रस्तुत करते छात्र।

टीयर्स संस्थान के प्रांगण में मदर्स डे के उपलक्ष्य में खूबसूरत एवं भावनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों की माताओं ने अपने बच्चों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शुरुआत ‘मेरी मां’ गीत पर मनमोहक नृत्य से हुई, जिसमें बुशरा, बंटू, सनी, शिवांश, गुलजार, अतुल, काशिफ, आतिफ, रचना और रोहित सहित बच्चों ने भाग लिया।

मदर्स के लिए म्यूजिकल चेयर, बैलून रेस और पेपर डांस जैसे मनोरंजक खेल आयोजित किए गए। विजेता माताओं को संस्था की निदेशिका डॉ. रीता अग्रवाल ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. पुष्प लता, प्रमुख चिकित्सक महिला चिकित्सालय एवं गायनोकोलॉजिस्ट एसएन मेडिकल कॉलेज, स्वाति वार्ष्णेय, प्रवीणा राजावत एवं ममता गोयल उपस्थित रहीं। डॉ. रीता अग्रवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम परिवार और संस्थान के बीच आत्मीय संबंध मजबूत करते हैं तथा विशेष बच्चों की माताओं को सम्मान और अपनापन महसूस कराते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor