बेटियों ने एशियन गेम्स में दिलाया पहला गोल्ड, महिला क्रिकेट का फाइनल जीता, श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में हराया
भारत ने एशियन गेम्स महिला क्रिकेट में श्रीलंका को हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया है। एशियन गेम्स 2026 में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल है। इससे पहले शूटिंग में पांच जबकि मिक्स्ड मार्शल आर्ट में भारत ने एक पदक सहित 6 मेडल जीते थे। इस गोल्ड मेडल के साथ भारत की इस एशियाई खेलों में सात पदक हो चुके हैं। महिला क्रिकेट टीम ने पिछले एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था।
नागोया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। नागोया में आयोजित एशियन गेम्स महिला क्रिकेट के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को मात दी। इससे पहले भारत ने 2023 इंचियोन में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने 147 रन से फाइनल मुकाबला जीता। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टी20 इंटरनेशनल में रनों के लिहाज से यह सबसे बड़ी जीत है।
भारत ने श्रीलंका को रिकॉर्ड 217 रन का लक्ष्य दिया था। लंकाई टीम 69 रन पर ढेर हो गई। श्रीलंका की ओर से ओपनर और कप्तान चामरी अटापट्टू ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाए जबकि कविशा दिल्हारी ने 11 रन की पारी खेली। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट चटकाए जबकि शेफाली वर्मा, श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी ने दो दो विकेट लिए। श्रीलंका महिला टीम की टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार है। इससे पहले श्रीलंका को 2019 में नॉर्थ सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 132 रनों से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था।
इस मुकाबले के साथ ही भारतीय महिला टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपनी लगातार 8वीं जीत हासिल की, जो इस प्रारूप में उनकी अब तक की सबसे लंबी विजय यात्रा है, जिसने 2018 में बनाए गए 7 लगातार जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। श्रीलंका ने भारत को आखिरी बार 2024 एशिया कप के फाइनल में हराया था, लेकिन उसके बाद से भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार आठों टी20 मुकाबलों में अपनी जीत का सिलसिला कायम रखा है।
भारत की ओर से स्मृति मंधाना ने 45 गेंद में 79 रन की शानदार पारी खेली जबकि ऋचा घोष (22 गेंद में नाबाद 49 रन) ने डेथ ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की। हरमनप्रीत कौर एंड कंपनी ने एशियाई खेलों में महिला टी20 क्रिकेट के स्वर्ण पदक मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ तीन विकेट पर 216 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। भारत ने टॉस जीतने के बाद पावरप्ले का पूरा फायदा उठाया। स्मृति (79 रन, 45 गेंद) और शेफाली वर्मा (48 रन, 29 गेंद) ने छह ओवर में टीम का स्कोर बिना विकेट खोए 59 रन तक पहुंचाया।
एशिया कप से ही शानदार फॉर्म में चल रहीं दोनों सलामी बल्लेबाजों ने 60 गेंद में 99 रन की साझेदारी करके फाइनल में टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई. भारत को रोकने के लिए कुछ विशेष करने की जरूरत थी लेकिन श्रीलंकाई टीम की गेंदबाजी में साधारण नजर आई और उसने भारतीय सलामी बल्लेबाजों को अपनी शर्तों पर खेलने दिया. भारत ने अंततः एशियाई खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया. शेफाली और स्मृति दोनों ने स्पिनरों की जमकर धुनाई की. स्मृति ने तीसरे ओवर में बाएं हाथ की स्पिनर सुगंधिका कुमारी की लगातार गेंदों पर दो छक्के जड़े. इनमें से पहला बैकफुट से सीधे मैदान के ऊपर से लगाया गया जबकि अगली गेंद पर उन्होंने स्लॉग स्वीप खेलकर गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया.