डीसीएफ़एलआई बैठक: गुणवत्ता, डिज़ाइन और उद्योग विस्तार पर केंद्रित भविष्य की रणनीति बनी
आगरा। फुटवियर एवं लैदर इंडस्ट्री विकास परिषद (डीसीएफ़एलआई) की पहली औपचारिक बैठक नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित हुई, जिसमें देशभर से आए परिषद के सदस्यों और विभागीय अधिकारियों ने उद्योग के रोडमैप और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने की। बैठक में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश, डिज़ाइन इनपुट, निर्यात वृद्धि, शुल्क संरचना और रोजगार प्रोत्साहन जैसे अहम विषयों पर लिए गए निर्णयों ने फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने की ठोस नींव रखी गई।
फुटवियर एवं लेदर इंडस्ट्री के विकास परिषद (डीसीएफआईएल) की पहली औपचारिक बैठक में वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव विमल आनंद, आईआरएस; श्रम, ईपीएफ, बीआईएस, एमएसएमई के वरिष्ठ अधिकारी; एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा, आईएएस तथा एनआईएफडी की निदेशक शिंजू महाजन भी उपस्थित रहीं। नवगठित परिषद के सदस्य शम्मी बंसल (अध्यक्ष, लिबर्टी ग्रुप), गोपाल गुप्ता, सौरभ बैराठी, सुभाष जग्गा, संजय गुप्ता, संदीप जैन तथा सीएलई के क्षेत्रीय निदेशक अतुल मिश्रा भी मौजूद रहे। कार्यवाही का समन्वय संयुक्त सचिव (डीपीआईआईटी) निधि केसरवानी, तथा निदेशक (लेदर) साबिया, आईआरएस द्वारा किया गया।
परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने निर्यात को बढ़ावा देने, मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को अंतिम रूप देने और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कमी करने के लिए सरकार के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने पर जोर
सदस्यों ने माना कि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों में विश्वास बढ़ाने के लिए गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करना आवश्यक है। सुझाव दिया गया कि एफडीडीआई, सीएलआरआई और एनआईएफडी जैसी संस्थाओं को फैक्टरी ऑडिट करने और उत्पादन क्षमता का आकलन करने के लिए अधिकृत किया जाए, क्योंकि फुटवियर एक फैशन-आधारित उद्योग है। जिसमें प्रतिदिन 25–50 नए सैंपल विकसित हो सकते हैं। पारंपरिक बीआईएस प्रोटोकॉल इस क्षेत्र के लिए अव्यावहारिक माने गए। सदस्यों ने यह भी आग्रह किया कि केवल डिस्प्ले के लिए बनाए गए (बिक्री हेतु नहीं) सैंपल्स को क्यूसीओ के दायरे से बाहर रखा जाए।
एफडीडीआई को उद्योग से गहरे जुड़ाव द्वारा अधिक आत्मनिर्भर बनाने और इसे एक प्रमुख संस्थान के रूप में पूर्व गौरव दिलाने के प्रस्ताव रखे गए।
ईपीएफ की नई योजना
बैठक में ईपीएफ अधिकारियों ने उद्योग के लिए नई लाभकारी योजना की जानकारी दी और प्रत्येक नए कर्मचारी की भर्ती पर उपलब्ध प्रोत्साहनों का लाभ उठाने का आग्रह किया।
फैशन एवं डिज़ाइन इनपुट्स
एनआईएफडी की निदेशक सुश्री शिंजू महाजन ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए फुटवियर में डिज़ाइन और फैशन डिटेलिंग के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया।
फुटवियर में शुल्क मुक्त आयात की जरूरत
लिबर्टी ग्रुप के अध्यक्ष शम्मी बंसल ने चीन से फुटवियर कंपोनेंट्स के शुल्क-मुक्त आयात की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, ताकि भारत में उद्योग का पैमाना बढ़ सके और भविष्य में ये कंपोनेंट्स देश में ही निर्मित हो सकें। परिषद के सदस्यों सौरभ बैराठी और संदीप जैन ने भी माइक्रोफाइबर और बेस कंपोनेंट्स पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी हटाने की मांग की।
बैठक का समापन निदेशक (लेदर) साबिया, आईआरएस द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिषद की अगली बैठक शीघ्र ही आयोजित की जाएगी।