वास्तु दोष से भी पैदा होते हैं कर्ज के हालात

कई बार कर्ज पर कर्ज चढ़ता जाता है और जीवन में तनाव घिर आता है। ऐसा वास्तु दोष के कारण भी संभव है। यदि छोटे-छोटे उपाय कर लिए जाएं तो कर्ज के बोझ को कम किया जा सकता है,  जानिए, कैसे-

Dec 7, 2024 - 22:52
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वास्तु दोष से भी पैदा होते हैं कर्ज के हालात

आज कितने ही घरों के चूल्हे कर्ज के कारण नहीं जलते और कर्ज की वजह से ही अनेक लोग मजबूर होकर पूरे परिवार सहित आत्महत्या तक कर बैठते हैं। यह स्थिति अन्य कारणों के अलावा वास्तु दोष के कारण भी उत्पन्न हो सकती है। अगर वास्तु दोष को दूर कर लिया जाए तो घर में लक्ष्मी जी का वास होता है।

1 :-  कर्ज से बचने के लिए उत्तर व दक्षिण की दीवार बिल्कुल सीधी बनाएं। गलत दीवारें बनवाने से धन का अभाव हो जाता है। उत्तर की दीवार सबसे नीची, पतली तथा हल्की होनी चाहिए और उसका कोई भी कोना कटा हुआ या कम नहीं होना चाहिए।

 2 :-  अगर कर्ज से बहुत अधिक परेशान हों तो ईशान कोण को 90 डिग्री से कम कर दें। इसके अलावा उत्तर पूर्व भाग में भूमिगत टैंक या टंकी बनवा दें। टंकी की लंबाई, चौड़ाई व गहराई के अनुरूप आय बढ़ेगी। उत्तर पूर्व का तल कम से कम 2 फुट से 7 फुट तक गहरा कराएं। दक्षिण पश्चिम व दक्षिण दिशा में भूमिगत टैंक, कुआं या नल होने पर घर में दरिद्रता का वास होता है।

3:- उत्तर दिशा की ओर जितनी अधिक ढलान होगी, संपत्ति में उतनी ही वृद्धि होगी। यदि कर्ज के कारण बहुत दुखी हों तो ढलान ईशान कोण की ओर करा दें। कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी।

  4:-  कर्ज होने पर उत्तर दिशा की दीवार को गिराकर दक्षिण दिशा की दीवार से छोटा कर दें। अगर पहले से छोटी है, तो उसे और छोटा कर दें अथवा दक्षिण की दीवार ऊंची कर दें। इसके अलावा भवन के दक्षिण पश्चिम के कोने में पीतल या तांबे का डंडा लगा दें।

5:-  भारी भवनों के बीच दबा हुआ भूखंड कभी न खरीदें। दबा हुआ भूखंड घोर गरीबी एवं कर्ज में फंसा देता है। बहुमंजिली इमारतों के बीच का भूखंड भी कर्ज घोर गरीबी का सूचक है।

 6:- सीढ़ी कभी भी पूर्व या उत्तर की दीवार से ना चढ़ाएं। जीने का वजन दक्षिणी या पश्चिमी दीवार पर ही आना चाहिए। ऐसा न करने से आय, धन, लाभ के साधन खत्म हो जाते हैं। सीढ़ी हमेशा 'क्लाकवाइज' दिशा में चढ़ाएं। कर्ज से बचने के लिए उत्तर दिशा से दक्षिण की ओर चढ़ें। सीढ़ी हमेशा दक्षिणी या पश्चिमी दीवार के   सहारे चढ़ाएं चाहे वह भवन के उत्तरी या पूर्वी भाग में ही क्यों ना हो। सीढ़ी की पहली पौड़ी कभी भी मुख्य द्वार से दिखाई नहीं पड़नी चाहिए, नहीं तो लक्ष्मी जी घर से बाहर चली जाएंगी।

-डॉ० अरविन्द मिश्र

ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद

भविष्य बनाओ ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान, शॉप नं, 21, ब्लॉक 25 , ग्राउंड फ्लोर, संजय प्लेस, आगरा।

परामर्श समय प्रातः 10:50 बजे से सायं 6:30 बजे तक

मो० 9412343560

SP_Singh AURGURU Editor