14 सितंबर से यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई, नोएडा कूच करेंगे आगरा के किसान, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर राकेश टिकैत के नेतृत्व में होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

आगरा। यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अब निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में 14 सितंबर 2026 से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से संबंधित मांगों को लेकर प्राधिकरणों के मुख्य द्वार पर वृहद एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। आगरा के किसानों ने आंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने का संकल्प लिया है।

Sep 9, 2026 - 22:43
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14 सितंबर से यमुना प्राधिकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई, नोएडा कूच करेंगे आगरा के किसान, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड समेत तीन प्रमुख मांगों को लेकर राकेश टिकैत के नेतृत्व में होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के मुद्दे पर बैठक करते भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया।

किसानों ने उठाईं तीन प्रमुख मांगें

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं और प्रस्तावित आंदोलन पर चर्चा की। किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड उपलब्ध कराने तथा वर्ष 2013 में किए गए भूमि अधिग्रहण में जिन किसानों ने अभी तक मुआवजा नहीं लिया है, उन्हें वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर चार गुना मुआवजा देने की मांग उठाई।

14 सितंबर से शुरू होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन

जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने कहा कि किसानों की इन मांगों को लेकर 14 सितंबर से चौधरी राकेश टिकैत के नेतृत्व में व्यापक और अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से जुड़ी मांगों को लेकर संबंधित प्राधिकरणों के मुख्य द्वार पर चलाया जाएगा।

बड़ी संख्या में नोएडा पहुंचने का संकल्प

बैठक में मौजूद आगरा जनपद के किसानों ने हाथ उठाकर आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया। किसानों ने संकल्प लिया कि 14 सितंबर को बड़ी संख्या में नोएडा पहुंचकर आंदोलन में भाग लिया जाएगा। किसानों का कहना था कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए अब केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं और अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष किया जाएगा।

बैठक में ये किसान रहे मौजूद

बैठक में प्रदेश प्रचार मंत्री गिर्राज सिंह नौहवार, विपिन चौधरी, जिला सचिव अमन यादव, यशपाल सिंह पर्वतपुर, हरिश्चंद्र प्रधान पैंथखेड़ा, अजय सिंह, जगदीश प्रसाद, दलबीर सिंह, महेश शर्मा, जितेंद्र सिंह, प्रकाश कुमार, धर्मवीर सिंह, बलदेव सिंह, भगवान सिंह, राकेश शर्मा, राम भरोसी, बच्चन सिंह, संजय उपाध्याय, गोपाल सिंह, वाणी सिंह, गोविंद, प्रदीप कुमार, गढ़ी राय सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

आश्वासन नहीं, अधिकार की मांग

किसानों ने स्पष्ट कहा कि अब मांगों को लेकर केवल आश्वासन स्वीकार नहीं किया जाएगा। 14 सितंबर से शुरू होने वाले आंदोलन को निर्णायक संघर्ष बताते हुए किसानों ने अपनी मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

SP_Singh AURGURU Editor