ताज संरक्षित क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की मांग, केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल और जीतनराम मांझी से चैम्बर प्रतिनिधिमंडल की अहम वार्ता, आगरा के उद्योग को बड़ी राहत की उम्मीद
आगरा। ताज संरक्षित क्षेत्र के कारण लंबे समय से औद्योगिक पिछड़ेपन का दंश झेल रहे आगरा के उद्योगों को शीघ्र बड़ी राहत मिल सकती है। आगरा के उद्यमियों की समस्याओं और मांगों को लेकर नेशनल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का एक प्रतिनिधिमंडल, अध्यक्ष संजय गोयल के नेतृत्व में, भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी से नई दिल्ली में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने जहां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के सफल निष्पादन पर वाणिज्य मंत्री को बधाई दी, वहीं ताज संरक्षित क्षेत्र के उद्योगों के लिए विशेष रियायतें और एसईजेड घोषित किए जाने की जोरदार मांग रखी।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से वार्ता करता चैंबर प्रतिनिधिमंडल।
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल एवं पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल को अवगत कराया कि 1995 में उच्चतम न्यायालय द्वारा ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन (टीटेजेड) घोषित किए जाने के बाद से आगरा का औद्योगिक विकास बुरी तरह प्रभावित हुआ है। टीटीजेड की सख्त शर्तों के चलते नए उद्योगों की स्थापना लगभग प्रतिबंधित हो गई है, जिससे रोजगार, निवेश और निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए आगरा को विशेष रियायत पैकेज दिए जाने और एसईजेड (विशेष आर्थिक क्षेत्र) घोषित किए जाने की मांग की गई।
एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी से भेंट के दौरान चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल एवं उपाध्यक्ष विवेक जैन ने क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (सीएलसीएसएस) को पुनः प्रारंभ करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह योजना एमएसएमई उद्योगों के तकनीकी उन्नयन और आधुनिक मशीनरी स्थापना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी। योजना के स्थगित होने से छोटे और मध्यम उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा, बढ़ती उत्पादन लागत और निर्यात चुनौतियों से जूझ रहे हैं। यदि योजना पुनः लागू होती है तो एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और भारत की औद्योगिक क्षमता और मजबूत होगी।
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल एवं उपाध्यक्ष संजय कुमार गोयल ने उद्यमियों को बैंक ऋण प्राप्त करने में आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। इस पर एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी ने वित्त मंत्रालय से वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा ताज संरक्षित क्षेत्र में एमएसएमई ऋणों पर विशेष सब्सिडी देने की मांग भी रखी।
दोनों केन्द्रीय मंत्रियों ने आगरा के उद्योगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक रुख दिखाया। चैम्बर के अनुरोध पर आगरा में एमएसएमई विषय पर विस्तृत बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की गई। शीघ्र ही आगरा में एमएसएमई मंत्री जीतनराम मांझी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है, जिससे उद्योगों को ठोस राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने दोनों मंत्रियों को आगरा आकर चैम्बर के साथ बैठक करने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उद्योग जगत को आशा है कि इस पहल के परिणामस्वरूप आगरा के उद्योगों को लंबे इंतजार के बाद केन्द्रीय स्तर से ठोस तोहफा मिल सकता है।