मलेशिया से चले श्रद्धालु करतारपुर साहिब के पवित्र जल और ज्योति के साथ आगरा पहुंचे
आगरा। आगरा के सिख समुदाय के लिए आज उस समय का क्षण बहुत भावुकता से भरा था, जब मलेशिया के सरदार बलदेव सिंह उप्पल के नेतृत्व में ननकाना साहिब पाकिस्तान से चली पवित्र ज्योति करतारपुर साहिब का पवित्र जल लेकर आगरा पहुंची।
मलेशिया के रहने वाले बलदेव सिंह उप्पल के नेतृत्व पांच सदस्यों दलजीत, मनदीप सिंह, मोहम्मद जशनी निवासी मलेशिया की टीम यह पवित्र ज्योति ओर जल लेकर आगरा पहुंचे। ये श्रद्धालु बीती आधी रात आगरा पहुंचे और आज पूर्वाह्न 11 बजे आगरा से रवाना हो गए। ज्यादा लोगों को तो पता नहीं चल पाया, लेकिन जितने लोगों को पता चला, उन्होंने पवित्र ज्योति और पवित्र जल के दर्शन किए।
यह जत्था सड़क मार्ग से अमृतसर से दिल्ली पहुंचा। दिल्ली से ज्योति और जल लेकर टीम आगरा पहुंची। यहां से ये श्रद्धालु ज्योति और जल को लेकर पटना साहिब, मणिपुर, म्यांमार और थाईलैंड पहुंचेंगे और भाईचारे का संदेश देंगे। थाईलैंड से चलकर यह यात्रा पांच नवंबर को मलेशिया के क्वालालम्पुर पहुंचेगी, जहां श्री गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व पर इन यात्रियों का भव्य स्वागत होगा।
बलदेव सिंह उप्पल ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि जब उनकी यात्रा ने बाघा बार्डर से हिन्दुस्तान की सीमा में कदम रखा तो वहां पर बीएसएफ के जवानों भव्य स्वागत किया और सलामी भी दी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा भारत में 16 अक्टूबर को अमृतसर से प्रारंभ हुई है और पांच नवंबर को इसका समापन मलेशिया में होगा। यात्रा के जरिए वे छह हजार किलोमीटर की दूरी तय करने जा रहे हैं।
बलदेव सिंह उप्पल ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भाईचारे और शांति का संदेश देना है। श्री गुरुनानक देव जी ने भी अपने जीवन काल में भाईचारे का ही संदेश दिया था। उन्हीं के जीवन से प्रेरणा लेकर आज जबकि वर्तमान में जब पूरे संसार में युद्ध का माहौल है, यह यात्रा निकाली जा रही है।
प्रेस वार्ता के मौके पर आगरा के समाजसेवी बंटी ग्रोवर, वंदना प्रसाद, आरिफ हाशमी, शहीद नगर गुरुद्वारे के महासचिव मलकीत सिंह आदि उपस्थित रहे।