गुरु नानक जयंती पर श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत, आगरा मेट्रो खोलेगा गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने वैकल्पिक कट
आगरा। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर इस वर्ष गुरुद्वारा गुरु का ताल में लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। अनुमान है कि 5 नवंबर को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आगरा मेट्रो प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। तय किया गया है कि गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने अस्थायी रूप से एक मेट्रो कट खोला जाएगा और बैरिकेडिंग हटाई जाएगी, ताकि संगत को आवागमन में राहत मिल सके।
आगरा। गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर इस वर्ष गुरुद्वारा गुरु का ताल में लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। अनुमान है कि 5 नवंबर को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु मत्था टेकने पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आगरा मेट्रो प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। तय किया गया है कि गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने अस्थायी रूप से एक मेट्रो कट खोला जाएगा और बैरिकेडिंग हटाई जाएगी, ताकि संगत को आवागमन में राहत मिल सके।
गौरतलब है कि मेट्रो रेल निर्माण कार्य के चलते लंबे समय से गुरुद्वारा की ओर जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित रहा है। मदिया कटरा, कैलाशपुरी और रेलवे क्रॉसिंग की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब तक लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब मेट्रो प्रशासन की इस अस्थायी व्यवस्था से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि संगत की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेट्रो प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग बनाने का अनुरोध किया गया था। इस पर बुलेट अड्डा के सामने अस्थायी कट खोलने पर सहमति बनी है, जिससे श्रद्धालु अब रेलवे ब्रिज से सीधे हाईवे पर कुछ मीटर चलकर यू-टर्न लेकर गुरुद्वारा पहुंच सकेंगे।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि प्रकाश पर्व के दौरान हाईवे पर सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से जगमगाया गया है, वहीं विशेष आतिशबाजी और लंगर सेवा की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। शहर के लगभग सभी गुरुद्वारों से रोटियां बनकर यहां भेजी जाएंगी, जिससे हर आने वाले श्रद्धालु को लंगर का प्रसाद प्राप्त हो सके।