डेढ़ करोड़ के लेन-देन का विवादः पीड़ित पुलिस कमिश्नर से मिले तो पार्षद ने दी आत्महत्या की धमकी
आगरा। बल्केश्वर क्षेत्र के पार्षद हरिओम गोयल बाबा के पुत्र पर डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने और धोखाधड़ी के आरोपों से गरमाए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर पीड़ित व्यापारी पुलिस कमिश्नर से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्षद हरिओम गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चेतावनी दी है कि यदि उनके घर पर हंगामा करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह 24 घंटे के भीतर परिवार सहित आत्महत्या कर लेंगे।
बल्केश्वर क्षेत्र के पार्षद हरिओम गोयल बाबा के घर पर कल तमाम लोगों ने पहुंचकर हंगामा किया था। इन लोगों का कहना है कि पार्षद के पुत्र उन्हें डेढ़ करोड़ रुपये नहीं लौटा रहे हैं। इस दौरान हुए भारी हंगामे के दौरान पार्षद और विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के बीच हॊट टॊक भी हुई थी।
कल कमला नगर पुलिस दोनों पक्षों को थाने पर ले आई थी। देर रात तक पुलिस की मौजूदगी चली कवायद के बाद ऐसा लगा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन आज दोनों ही पक्षों के दांव-पेंच के कारण मामला फिर से सुर्खियों में है। पार्षद के घर हंगामा करने वालों ने पुलिस कमिश्नर का दरवाजा खटखटाया है तो पार्षद हरिओम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर चेतावनी दी कि हंगामा करने वालों पर कार्रवाई न हुई तो वे आत्महत्या कर लेंगे।
पार्षद बोले- मैं अंदर से टूट चुका हूं
पार्षद हरिओम गोयल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं अंदर से टूट चुका हूँ। अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला और मेरे घर पर आकर उपद्रव करने वाले लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं 24 घंटे के बाद परिवार सहित आत्महत्या करूंगा। इसका जिम्मेदार कमला नगर थाने का प्रशासन होगा।
बल्केश्वर स्थित सकारात्मक भवन में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि महिला हो या पुरुष, किसी को भी किसी के घर पर आकर अभद्रता और गुंडागर्दी करने का अधिकार नहीं है। मेरे घर पर गुंडागर्दी करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
घर का गेट तोड़ने की कोशिश की गई
उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम 4:00 बजे उनके घर पर उनका 16 वर्ष का नाबालिग बेटा अकेला था। 10-12 अज्ञात लोग आए। उन्होंने जबर्दस्ती गेट खुलवाने का प्रयास किया। जब बेटे ने गेट नहीं खोला तो गालीगलौज और अभद्रता की। जूता फेंक कर मारा। उनके साथ आई दो महिलाओं के साथ सबने मिलकर घर का गेट तोड़ने का प्रयास किया। अगर बेटा गेट खोल देता तो उसके साथ उस समय कोई भी अनहोनी या हादसा हो सकता था।
पार्षद ने कहा कि बेटे द्वारा सूचित किए जाने पर वह नगर निगम से निकलकर जब घर पहुंचे तो उनके साथ भी उन लोगों ने अभद्रता की। पुलिस ने इस संबंध में अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला को महिला होने के कारण किसी के भी घर जाकर उपद्रव करने का कानूनी अधिकार मिल जाता है? अगर नहीं तो इन सब के खिलाफ पुलिस को कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
इस दौरान बंगाली बाबू अग्रवाल, महेश निषाद, इंदर डाबर, राजू अग्रवाल खुशबू नमकीन वाले, गोपाल अग्रवाल आशीष मसाले वाले, ऋषि अग्रवाल, कुमकुम उपाध्याय, डॉ. महेश फौजदार, नीतू कपूर, निखिल गोयल, मुकेश शर्मा, जतिन मंगलानी, अनूप गुप्ता और केदार ठाकुर भी ने भी पार्षद हरिओम बाबा के घर पर हुए उपद्रव की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों की पुलिस कमिश्नर से गुहार
पार्षद हरिओम के बेटे के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवा चुके पीड़ित आज पुलिस कमिश्नर से मिले। उनसे मिलने पहुंचे दीपक शिवहरे, जितेंद्र भाटिया, कार्तिक सेठ और अज्जू असवानी ने संयुक्त रूप पुलिस कमिश्नर को शिकायती पत्र सौंपा है। पीड़ितों का आरोप है कि पार्षद पुत्र ऋषभ ने धोखाधड़ी, फर्जी चेक के आधार पर करीब आठ लाख रुपये का माल मंगा लिया। पेमेंट मांगने पर अपने पिता का रौब दिखाने लगा। उनके अलावा क्षेत्र के अन्य व्यापारियों का पार्षद पुत्र पर 1.5 करोड़ रुपए का उधार है। ऋषभ उनके भी पैसे नहीं लौटा रहा है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने उसकी शिकायत पुलिस में भी की पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।