आरक्षण पर आर-पार का एलान: अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस पर जाट समाज का बड़ा संकल्प, ‘केंद्रीय आरक्षण ही अंतिम लड़ाई’—सरकार को दी खुली चेतावनी

मलपुरा (आगरा)। अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा बमरौली रोड स्थित भगवती गार्डन में आयोजित वृहद कार्यक्रम में जाट समाज ने एकजुट होकर केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की लड़ाई को अंतिम निर्णायक संघर्ष  घोषित कर दिया। कार्यक्रम में समाज के पूर्वजों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से वायदा निभाने की मांग के साथ चेतावनी दी गई कि यदि आरक्षण बहाल नहीं हुआ तो राजनीतिक स्तर पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।

Apr 13, 2026 - 19:20
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आरक्षण पर आर-पार का एलान: अंतरराष्ट्रीय जाट दिवस पर जाट समाज का बड़ा संकल्प, ‘केंद्रीय आरक्षण ही अंतिम लड़ाई’—सरकार को दी खुली चेतावनी
अंतर्राष्ट्रीय जाट दिवस के मौके पर सोमवार को आगरा में आयोजित कार्यक्रम में आरक्षण के लिए आर-पार की लड़ाई का संकल्प लेते समाज के लोग।

पूर्वजों को नमन, इतिहास की वीरता को किया याद

कार्यक्रम में देश और समाज के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों- सम्राट पोरस, सम्राट कनिष्क, अनंगपाल तोमर, हरि सिंह नलवा, महाराजा सूरजमल, वीर गोकुला जाट, महाराजा रणजीत सिंह, राजा महेंद्र प्रताप सहित अन्य महान विभूतियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। साथ ही बैसाखी पर्व और जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को भी याद किया गया।

आरक्षण की यह अंतिम लड़ाई होगी- प्रताप चौधरी

मुख्य अतिथि प्रताप चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व विधायक) ने कहा कि केंद्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण की बहाली अब अंतिम लड़ाई के रूप में लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के बदलते हालात में युवाओं के भविष्य के लिए सरकार पर निर्णायक दबाव बनाना जरूरी है और समाज को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

सरकार की लचर पैरवी से खत्म हुआ आरक्षण- कप्तान सिंह चाहर

जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा कि यदि 2014 में केंद्र सरकार की कमजोर पैरवी के कारण जाट समाज का आरक्षण निरस्त नहीं हुआ होता, तो आज हजारों-लाखों युवाओं को रोजगार मिल चुका होता।

प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी गोपीचंद, प्रदेश मंत्री राधेश्याम मुखिया, मंडल अध्यक्ष मेघराज सोलंकी, कृपालु किंकर महाराज और उदयवीर सिंह वीओ ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्र सरकार 11 वर्षों से आरक्षण बहाली का वादा पूरा नहीं कर रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो जाट समाज वोट देने के निर्णय पर भी पुनर्विचार करेगा।

युवा और महिलाओं ने भी भरी हुंकार

युवा प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश इंदौलिया, जिला संयोजक देवेंद्र चाहर (पूर्व ब्लॉक प्रमुख), जिला अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी और महानगर अध्यक्ष लखन चौधरी ने कहा कि आरक्षण की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी।

महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती निर्मल चाहर, महानगर अध्यक्ष श्रीमती वंदना सिंह, महामंत्री श्रीमती सरोज चाहर और श्रीमती लक्ष्मी देवी ने भी कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में इनकी मौजूदगी रही

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ प्रहलाद सिंह चाहर (बाबूजी) ने की। संचालन जिला महामंत्री वीरेंद्र सिंह छोंकर और अनिल चाहर ने संयुक्त रूप से किया।

विचार व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से प्रताप सिंह चाहर, अजीत चाहर प्रधान, बॉबी प्रधान, गौरव चौधरी प्रधान, विजयपाल सिंह प्रधान, सुभाष चाहर प्रधान, कीर्ति प्रधान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयप्रकाश चाहर, प्रमेंद्र फौजदार, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राणा, चौ. नवल सिंह, लोकेंद्र चौधरी, भारत सिंह कुंतल, सुभाष रावत, ज्ञानेंद्र मुखिया, रणधीर सिंह काका, कैप्टन तेजवीर सिंह, डॉ. जेपी सिंह, अशोक चाहर, हाकिम सिंह नोहवार, संजय सोलंकी, विवेक चाहर, हरिओम चाहर, खजान सिंह भगौर सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor