70 फीट गहरे खुले कुएं में गिरा श्वान, अरुण ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू, दो मौतों के बाद भी ढंका नहीं गया है गढ़ी भदौरिया का यह कुआं

आगरा। जगदीशपुरा के गढ़ी भदौरिया में करीब 70 फीट गहरे खुले कुएं में गिरने से एक श्वान की जान खतरे में पड़ गई। स्थानीय युवक अरुण ने अपनी जान जोखिम में डालकर कुएं में उतरकर श्वान को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू में कैस्पर्स होम की मदद भी रही। घटना ने एक बार फिर इस खुले कुएं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि स्थानीय लोगों के अनुसार करीब तीन वर्ष पहले इसी कुएं में गिरने से एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला भी कुएं में गिरकर आत्महत्या कर चुकी है। इसके बावजूद कुएं को अब तक सुरक्षित तरीके से ढका नहीं गया है।

Sep 9, 2026 - 18:35
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70 फीट गहरे खुले कुएं में गिरा श्वान, अरुण ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू, दो मौतों के बाद भी ढंका नहीं गया है गढ़ी भदौरिया का यह कुआं
आगरा के गढी भदौरिया में कुएं में गिरे श्वान को रेस्क्यू करने के लिए रस्सी के सहारे उतरता युवक अरुण।

फायर विभाग के सामने आई रेस्क्यू की चुनौती

स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रशासन और फायर विभाग को रेस्क्यू के लिए सूचित किया गया। फायर विभाग की ओर से कुएं के भीतर उतरकर बचाव अभियान चलाने के लिए उपयुक्त युवा कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से अभियान में कठिनाई आई। इसके बाद स्थानीय निवासी अरुण ने साहस दिखाते हुए खुद कुएं में उतरने का निर्णय लिया।

अरुण करीब 70 फीट नीचे कुएं में उतरे और काफी प्रयास के बाद श्वान को सुरक्षित बाहर निकाल लाए। रेस्क्यू के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही। लोग अरुण के सुरक्षित बाहर आने और श्वान की जान बचने की प्रार्थना करते रहे।

तीन साल पहले भी हुआ था श्वान ‘परी’ का रेस्क्यू

कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोड़ा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले भी इसी कुएं में गिरी ‘परी’ नाम की श्वान का रेस्क्यू किया गया था। उस समय भी कुएं को ढकने की मांग उठी थी, लेकिन स्थायी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह दोबारा हादसे का कारण बन गया।

विनीता अरोड़ा के अनुसार इसी कुएं में करीब तीन वर्ष पहले एक बच्चे की गिरने से मौत हो गई थी। एक महिला भी कुएं में गिरकर आत्महत्या कर चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले कुएं और आसपास के नाले के कारण क्षेत्र में पहले भी दुर्घटनाएं होती रही हैं।

पार्षद को बुलाकर बताई समस्या

घटना के बाद मौके पर पार्षद के नहीं पहुंचने को लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी रही। कैस्पर्स होम की ओर से फोन कर पार्षद को मौके पर बुलाया गया और समस्या से अवगत कराया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि इतने हादसों के बाद भी खुले कुएं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

कुएं को तत्काल ढकने की मांग

स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से कुएं को तत्काल सुरक्षित तरीके से ढंकवाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कुएं को बंद या ढक दिया जाता तो दोबारा ऐसी घटना नहीं होती। लोगों ने क्षेत्र के अन्य खुले और खतरनाक स्थानों का भी सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर पार्षदों के समक्ष आवाज उठाने और नगर निगम का ध्यान आकर्षित करने के लिए एकजुट होने की बात कही है।

SP_Singh AURGURU Editor