गर्लफ्रेंड संग नई जिंदगी के ख्वाब में फैक्ट्री सुपरवाइजर अनुपम ने रची थी रोजर फैक्ट्री में 7.70 करोड़ की चोरी की साजिश, भाई और उसके दोस्त को साथ ले दिया था अंजाम, पुलिस आयुक्त ने अपने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की पीठ थपथपाई
आगरा। आगरा में औद्योगिक जगत को झकझोर देने वाली करोड़ों की चोरी का पुलिस ने रिकॉर्ड समय में सनसनीखेज खुलासा कर दिया। जिस कर्मचारी पर फैक्ट्री मालिक को अटूट भरोसा था, वही भरोसे का कातिल निकला। गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में नई जिंदगी बसाने के सपने ने एक सुपरवाइजर को अपराध की दुनिया में धकेल दिया। कमिश्नरेट पुलिस ने महज तीन दिनों में न केवल पूरे मामले का खुलासा किया, बल्कि चोरी गया लगभग पूरा माल भी बरामद कर उद्योग जगत को बड़ी राहत दी।

रोजर फैक्ट्री में चोरी करने वाले तीनों अभियुक्त पुलिस की हिरासत में।
आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने प्रेस कॊन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि थाना सिकंदरा क्षेत्र स्थित रोजर इंडस्ट्रीज लिमिटेड फैक्ट्री में 19 जनवरी को 7.70 करोड़ रुपये की बड़ी चोरी हुई थी। फैक्ट्री से लाखों रुपये की नगदी, सोना, चांदी और हीरे के बहुमूल्य आभूषण गायब पाए गए थे। शुरुआती जांच में मामला बेहद पेचीदा लग रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने फैक्ट्री के ही कंप्यूटर ऑपरेटर/सुपरवाइजर अनुपम शर्मा को हिरासत में लिया।
गर्लफ्रेंड के लिए रची गई साजिश
पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूछताछ में अनुपम शर्मा ने कबूल किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेंगलुरु में सेटल होना चाहता था। फैक्ट्री मालिक अशोक बुद्धिराजा का उस पर पूरा भरोसा था। अनुपम को फैक्ट्री के हर कोने, अंदरूनी रास्तों, लॉकर और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने अपने भाई अनुराग शर्मा और दोस्त संजय उर्फ संजू के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची।
इस प्रकार दिया वारदात को अंजाम

चोरों से बरामद की गई ज्वेलरी।
तीनों अभियुक्त पीछे के रास्ते से दीवार चढ़कर फैक्ट्री में घुसे। लॉकर तोड़कर 52 लाख रुपये कैश (रिकवरी 66 लाख) और करोड़ों रुपये की डायमंड, गोल्ड व सिल्वर ज्वैलरी चोरी की गई। चोरी किए गए आभूषणों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग सात करोड़ रुपये आंकी गई है। बंटवारे से पहले ही पुलिस ने बाह क्षेत्र के जंगल से अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
जमीन में गाड़ दिया था चोरी का माल
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि तीनों अभियुक्त बाह क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने चोरी का माल अपने गांव में जमीन खोदकर गड्ढे में गाड़ दिया था। पुलिस ने निशानदेही पर लगभग पूरा माल बरामद कर लिया है। एक अभियुक्त पर पहले से गंभीर मुकदमे दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि चोरी के पहले ही दिन कैश की बरामदगी कर ली गई थी, लेकिन ज्वैलरी की रिकवरी में थोड़ा समय लगा। बावजूद इसके, 72 घंटे के भीतर पूरा मामला सुलझा लिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम ने लगातार तीन दिन तक बिना सोए मेहनत कर इस बड़ी चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि चोरी की रिपोर्ट में कैश 52 लाख रुपये बताया गया था लेकिन हमने 66 लाख कैश की रिकवरी की है।
इन अफसरों की रही अहम भूमिका
इस बड़ी कार्रवाई में डीसीपी सिटी अली अब्बास, एडीसीपी आदित्य, एसीपी अक्षय और अभय तथा थाना प्रभारी सिकंदरा त्रिपाठी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस आयुक्त ने टीम को प्रशस्ति पत्र देने के साथ 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।

रोजर फैक्ट्री के मालिक अशोक बुद्धिराजा, जिन्होंने चोरों के पकड़े जाने और माल बरामद होने पर राहत की सांस ली है।
उद्योग जगत ने सराहा पुलिस का काम
फुटवियर एवं चर्म निर्यात परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने आगरा पुलिस की कार्यशैली की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि रोजर फैक्ट्री चोरी कांड का तीन दिन में खुलासा और पूरी नकदी व आभूषणों की बरामदगी उद्योग जगत में विश्वास को मजबूत करती है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुदृढ़ कानून-व्यवस्था नीति का जीवंत प्रमाण है, जिससे उत्तर प्रदेश सुरक्षित औद्योगिक राज्य के रूप में उभर रहा है।
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