क्लब–बार के जरिए युवाओं तक पहुंच रही थी ड्रग्स की सप्लाई, हरीपर्वत पुलिस ने पकड़े दो तस्कर
आगरा। शहर में तेजी से बढ़ रहे पार्टी कल्चर, हुक्का बार और रूफटॉप रेस्टोरेंट अब नशे के सौदागरों के लिए आसान ठिकाने बनते जा रहे हैं। यहां आने वाले युवाओं को पहले नशे का लालच देकर, फिर धीरे-धीरे उन्हें ड्रग्स के जाल में उलझा दिया जाता है। इसी बढ़ते खतरे पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
आगरा। शहर में तेजी से बढ़ रहे पार्टी कल्चर, हुक्का बार और रूफटॉप रेस्टोरेंट अब नशे के सौदागरों के लिए आसान ठिकाने बनते जा रहे हैं। यहां आने वाले युवाओं को पहले नशे का लालच देकर, फिर धीरे-धीरे उन्हें ड्रग्स के जाल में उलझा दिया जाता है। इसी बढ़ते खतरे पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
इसी कड़ी में हरीपर्वत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ड्रग सप्लाई में संलिप्त सुधांशु पाल और रितिक शर्मा उर्फ चंदन को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी एक अल्ट्रोस कार में ड्रग की खेप लेकर सप्लाई के लिए निकले थे। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर कार को रोका और तलाशी ली। पुलिस को कार से 9 किलो 800 ग्राम अवैध गांजा, एमडी (मॉरफीननुमा ड्रग) के 6 पैकेट, ₹70,000 नकद और तीन मोबाइल फोन मिले। बरामदगी की मात्रा देखकर साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से बड़े पैमाने पर सप्लाई कर रहा था।
दिल्ली–गुरुग्राम से लाते थे ड्रग्स
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली या गुरुग्राम से एमडी की एक गोली ₹3,000 में खरीदते थे और आगरा के क्लबों व रूफटॉप पार्टी स्थलों पर ₹5,000 से ₹7,000 तक में बेच देते थे। गांजा भी दिल्ली से लाकर छोटे पैकेट बनाकर शहर में घूमने वाले कॉलेज छात्रों और युवाओं को बेचा जाता था।
मैनपुरी के हैं आरोपी
दोनों आरोपी मैनपुरी के निवासी हैं और काफी समय से आगरा में ड्रग सप्लाई की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की निगरानी में आने के बाद उन्हें रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम लगाई गई थी। हरीपर्वत पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है और इनके नेटवर्क तथा सप्लाई चेन की गहराई से जांच शुरू कर दी है।