कोका-कोला की बॉटलिंग कंपनी में 68.94 लाख के गबन का खुलासा, पूर्व सेल्स मैनेजर गिरफ्तार
आगरा की वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड (कोका-कोला एवं सह-उत्पाद निर्माता) में करीब 68.94 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। कंपनी ने सात पूर्व कर्मचारियों और सहयोगियों पर गोपनीय कारोबारी डाटा का दुरुपयोग कर निजी कारोबार चलाने, अनधिकृत बिक्री करने और कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
आरिपियों ने गोपनीय डाटा से खड़ा किया निजी कारोबार
आगरा। कोका-कोला और उसके सह-उत्पादों का उत्पादन करने वाली वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में करीब 68.94 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। कंपनी की शिकायत पर हरीपर्वत थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
कंपनी के विधि प्रबंधक देवेश कपूर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, दो पूर्व वरिष्ठ प्रबंधकों समेत सात लोगों पर कंपनी के गोपनीय कारोबारी डाटा का दुरुपयोग कर निजी कारोबार खड़ा करने, अनियमित तरीके से उत्पाद बेचने और लाखों रुपये के गबन का आरोप है।
10-12 साल तक अहम पदों पर रहे आरोपी
शिकायत के अनुसार, पूर्व सेल्स मैनेजर जसप्रीत पुरी और पूर्व एरिया सेल्स मैनेजर भरत कुमार जैन करीब 10 से 12 वर्षों तक कंपनी में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्हें कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क, रिटेलर बेस, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य संवेदनशील व्यावसायिक जानकारी तक पहुंच मिली थी। आरोप है कि दोनों ने कंपनी के भरोसे का फायदा उठाकर गोपनीय डाटा अपने कब्जे में ले लिया और बाद में उसका इस्तेमाल निजी कारोबार के लिए किया।
नौकरी के दौरान ही बना लीं निजी फर्में
कंपनी का आरोप है कि नौकरी के दौरान ही दोनों आरोपियों ने नियमों के विपरीत 'पवन एंटरप्राइजेज' और 'जैज एंटरप्राइजेज' के नाम से निजी फर्में पंजीकृत करा लीं। इतना ही नहीं, कंपनी के लैपटॉप से महत्वपूर्ण डाटा भी डिलीट कर दिया गया, ताकि रिकॉर्ड दोबारा हासिल न हो सके और अनियमितताओं का खुलासा न हो।
वॉलमार्ट कर्मचारियों से मिलीभगत का भी आरोप
शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने पूर्व कर्मचारी वैभव सचदेवा और वॉलमार्ट के कुछ कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर कंपनी के उत्पादों पर बिना अनुमति विशेष छूट (स्पेशल डिस्काउंट) दी। इस कथित अनियमितता से कंपनी को 68,94,811 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ। आरोप है कि इस राशि का उपयोग निजी कारोबार को बढ़ाने में किया गया।
29.43 लाख रुपये भी खाते में जमा नहीं किए
कंपनी के मुताबिक, डिस्ट्रीब्यूटर से माल की आपूर्ति के बदले प्राप्त करीब 29.43 लाख रुपये भी कंपनी के खाते में जमा नहीं कराए गए। इससे कंपनी को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दूसरे राज्यों से मंगाकर यूपी में किया माल डंप
आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों से कंपनी का माल खरीदकर उत्तर प्रदेश में कथित रूप से अवैध तरीके से डंप कर रहे थे। आरोप है कि अधिकृत वितरण व्यवस्था को दरकिनार कर निजी फर्मों के माध्यम से कारोबार किया जा रहा था, जिससे कंपनी के व्यावसायिक हितों और राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचा।
एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
मामले में जसप्रीत पुरी, भरत कुमार जैन, वैभव सचदेवा, तरनजीत पुरी समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। हरीपर्वत थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर भरत कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।