ईरान में भावुक माहौल में आयतुल्ला अली खामनेई को अंतिम विदाई की शुरुआत, तेहरान में उमड़ा जनसैलाब
तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की शुरुआत राजधानी तेहरान में बेहद भावुक और भव्य माहौल के बीच हुई। अंतिम दर्शन के लिए देशभर से लाखों लोग पहुंचे, जिससे राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों और सड़कों पर जनसैलाब जैसा दृश्य देखने को मिला। यह आयोजन ईरान के सबसे बड़े राजकीय शोक समारोहों में गिना जा रहा है।
राष्ट्रीय शोक के बीच कड़े सुरक्षा इंतजाम
पूरे देश में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। खामनेई का ताबूत राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। तेहरान में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए। सेना, रिवोल्यूशनरी गार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि समारोह स्थल और आसपास के क्षेत्रों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
श्रद्धांजलि के साथ राजनीतिक संदेश भी
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। कई लोगों ने खामनेई की मौत का बदला लेने की मांग भी उठाई। शोक सभा में भावनाओं के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जिन्हें ईरान की एकजुटता और पश्चिमी देशों के प्रति उसके रुख के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचे
अंतिम संस्कार में चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और तुर्किये समेत कई देशों के सरकारी और राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए। विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर खामनेई के निधन पर संवेदना व्यक्त की।
मशहद में होगा अंतिम संस्कार का समापन
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्में कई चरणों में पूरी की जाएंगी। इसके बाद 9 जुलाई को खामनेई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दौरान शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
नए सर्वोच्च नेता सार्वजनिक मंच से दूर
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामनेई अंतिम संस्कार के पहले दिन सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। सुरक्षा कारणों और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित रखी गई है। हालांकि सरकारी सूत्रों के अनुसार वे अंतिम संस्कार की सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी अहम आयोजन
आयतुल्ला अली खामनेई का अंतिम संस्कार केवल एक राजकीय विदाई नहीं, बल्कि युद्ध के बाद ईरान की राजनीतिक एकजुटता, नेतृत्व परिवर्तन और वैश्विक समुदाय को संदेश देने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन का असर आने वाले समय में पश्चिम एशिया की राजनीति और क्षेत्रीय कूटनीति पर भी देखने को मिल सकता है।