बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम पर अंतिम मंथन, यूपी चुनाव के लिए नए प्रभारी की तलाश तेज
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अमित शाह और बीएल संतोष के साथ अहम बैठक की है। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ युवाओं और महिलाओं को प्रमुख स्थान मिलने की संभावना है। वहीं 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति पर भी चर्चा तेज है। विनोद तावड़े सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि सुनील बंसल, मंगल पांडे, वीडी शर्मा और बैजयंत पांडा के नाम भी चर्चा में हैं। नितिन नवीन 4-5 जुलाई को लखनऊ दौरे पर संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अमित शाह और बीएल संतोष के साथ अहम बैठक, नई टीम में युवाओं और महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व, उत्तर प्रदेश के लिए चुनावी रणनीति पर मंथन तेज
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम को अंतिम रूप देने के लिए केंद्रीय नेतृत्व लगातार मंथन कर रहा है। गुरुवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी, संगठनात्मक ढांचे और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के मुताबिक नई टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है। पार्टी इस बार अनुभवी नेताओं के अनुभव और युवा नेतृत्व की ऊर्जा के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। महिलाओं, युवा नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी विशेष महत्व दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पर सबसे ज्यादा फोकस
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती माने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अभी से संगठन को मजबूत करने में जुट गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 4 और 5 जुलाई को लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह प्रदेश संगठन, बूथ स्तर की तैयारियों, सदस्यता अभियान, संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी प्रस्तावित हैं।
यूपी प्रभारी को लेकर मंथन, विनोद तावड़े सबसे मजबूत दावेदार
उत्तर प्रदेश भाजपा का नया प्रभारी कौन होगा, इसको लेकर पार्टी के भीतर लगातार चर्चा चल रही है। फिलहाल भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तर प्रदेश प्रभारी का कोई नाम दर्ज नहीं है। राजनीतिक गलियारों में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े का नाम सामने आ रहा है। पिछले लगभग छह महीनों से वह अनौपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश संगठन के मामलों में सक्रिय रहे हैं। प्रदेश कार्यकारिणी के गठन से लेकर संगठनात्मक बैठकों और मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान संभावित नामों के चयन तक उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रदेश के सभी क्षेत्रों के सामाजिक और जातीय समीकरणों का विस्तृत अध्ययन कर संगठनात्मक रिपोर्ट भी तैयार की है। यही कारण है कि उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव का प्रभारी बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।
राधामोहन सिंह के बाद खाली है जिम्मेदारी
इससे पहले उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रभारी राधामोहन सिंह थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में उनकी सक्रियता काफी कम हो गई। इसके बाद से पार्टी ने औपचारिक रूप से किसी नए प्रभारी की घोषणा नहीं की है। अब आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह नियुक्ति भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
सुनील बंसल समेत कई नाम चर्चा में
उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति और संगठन पर मजबूत पकड़ रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल भी केंद्रीय नेतृत्व के भरोसेमंद रणनीतिकारों में शामिल हैं। पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्हें भी चुनाव से जुड़ी बड़ी भूमिका मिल सकती है। इसके अलावा मंगल पांडे, वीडी शर्मा और बैजयंत पांडा के नाम भी संभावित जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य के लिए एक अनुभवी प्रभारी के साथ एक या दो सह-प्रभारियों की नियुक्ति पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि संगठन और चुनाव प्रबंधन दोनों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर विशेष नजर
भाजपा इस बार उत्तर प्रदेश में प्रभारी की नियुक्ति केवल संगठनात्मक अनुभव के आधार पर नहीं बल्कि जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर करना चाहती है। 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष की चुनौतियों को देखते हुए पार्टी ऐसा नेतृत्व चुनना चाहती है जो संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय रख सके।
जल्द हो सकती है बड़ी घोषणा
पार्टी सूत्रों का मानना है कि राष्ट्रीय टीम और विभिन्न राज्यों के प्रभारियों की घोषणा एक साथ या चरणबद्ध तरीके से की जा सकती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य चुनावी राज्यों को प्राथमिकता देते हुए संगठन में व्यापक बदलाव की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में भाजपा संगठन से कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।