राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय को दी क्लीन चिट, कहा- 'निष्कलंक हैं, उनकी गलती सिर्फ निगरानी में असावधानी की'

अयोध्या। रामलला मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले के बीच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी है। ट्रस्ट ने स्पष्ट कहा कि चंपत राय किसी भी तरह के अपराध में शामिल नहीं हैं और उनका जीवन निष्कलंक तथा त्यागमय रहा है। हालांकि ट्रस्ट ने यह भी स्वीकार किया कि मंदिर के चढ़ावे की निगरानी में उनसे असावधानी हुई, जिसके कारण अपराध करने वाले लोग लंबे समय तक व्यवस्था का हिस्सा बने रहे। साथ ही ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर में दान में मिली सभी 2800 बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।

Jul 6, 2026 - 19:33
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राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय को दी क्लीन चिट, कहा- 'निष्कलंक हैं, उनकी गलती सिर्फ निगरानी में असावधानी की'

राम मंदिर परिसर में आयोजित ट्रस्ट की बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि महाराज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में चंपत राय पर लगाए जा रहे आरोप उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई राम मंदिर का नाम लेने से भी बचता था, तब से चंपत राय रामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े रहे। मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और समर्पणपूर्ण रहा है।

गोविंद गिरि महाराज ने कहा कि ट्रस्ट चंपत राय के चरित्र, त्याग, तपस्या समर्पण और सेवा का सम्मान करता है। उनका पूरा जीवन अनुकरणीय रहा है। उनकी एकमात्र चूक यह रही कि मंदिर की व्यवस्थाओं में शामिल कुछ लोगों पर अपेक्षित स्तर की निगरानी नहीं रखी जा सकी। यदि समय रहते उन पर कड़ी नजर रखी जाती तो चढ़ावा चोरी जैसी घटना संभवतः सामने नहीं आती। उन्होंने दोहराया कि यह प्रशासनिक असावधानी हो सकती है, लेकिन इसे अपराध नहीं कहा जा सकता। चंपत राय पूरी तरह निष्कलंक हैं।

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने उन श्रद्धालुओं की आशंकाओं का भी समाधान किया, जिन्होंने मंदिर में आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं दान की थीं। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि महाराज ने मीडिया के सामने दान में प्राप्त वस्तुओं का आधिकारिक रजिस्टर प्रस्तुत करते हुए बताया कि सोने की रामायण, कागभुसुंडी की प्रतिमा, चरण पादुकाओं सहित करीब 2800 बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इन वस्तुओं के रखरखाव का पूरा अभिलेख ट्रस्ट के पास उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना से ट्रस्ट भी आहत है और भविष्य में ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे। इसके लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ विशेष अधिकारियों की नियुक्ति पर भी विचार किया जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor