बरेली में जर्जर छज्जा गिरने से दादी-नातिन की दर्दनाक मौत, पेंसिल खरीदने गया मासूम बचा, अधूरा आवास आवेदन छोड़ गया कई सवाल  

-आरके सिंह-  बरेली। बरेली के शाही थाना क्षेत्र में एक जर्जर मकान का छज्जा गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। मलबे में दबने से 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनकी छह वर्षीय नातिन की मौत हो गई, जबकि संयोगवश पेंसिल खरीदने बाहर गया 10 वर्षीय पोता हादसे से बच गया। आर्थिक तंगी के कारण वर्षों से जर्जर मकान में रह रहा परिवार अब दो अपनों को खोने के गहरे सदमे में है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित आवेदन और गरीब परिवारों की आवासीय सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

Jul 5, 2026 - 22:27
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बरेली में जर्जर छज्जा गिरने से दादी-नातिन की दर्दनाक मौत, पेंसिल खरीदने गया मासूम बचा, अधूरा आवास आवेदन छोड़ गया कई सवाल   

हादसा शाही थाना क्षेत्र के तुरसा गांव में शनिवार देर शाम हुआ। पुलिस के अनुसार, गांव निवासी आनंदस्वरूप अपने भाइयों यशपाल और विजय पाल के परिवार के साथ एक ही मकान में रहते हैं। मकान का एक हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त होकर गिर चुका था, जबकि दीवार के सहारे जर्जर छज्जा किसी तरह टिका हुआ था।

शनिवार शाम नत्थो देवी (70) अपनी छह वर्षीय नातिन दीपांजलि और 10 वर्षीय पोते संदेश के साथ घर के बाहर चारपाई पर बैठी थीं। इसी दौरान संदेश पेंसिल खरीदने के लिए दुकान पर चला गया। कुछ ही क्षण बाद जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और नत्थो देवी तथा दीपांजलि मलबे में दब गईं।

चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़े। काफी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया और पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बरेली रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही शाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मीरगंज क्षेत्राधिकारी अजय कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मृतका के परिजन जगदीश प्रसाद ने बताया कि तीनों भाइयों के परिवार के पास कुल नौ बीघा कृषि भूमि है। खेती और मजदूरी से किसी तरह परिवार का गुजारा चलता है। आर्थिक तंगी के कारण जर्जर मकान की मरम्मत कराना संभव नहीं हो सका और यही लापरवाही अंततः दो जिंदगियों पर भारी पड़ गई।

ग्राम पंचायत सचिव अंजली ने बताया कि नत्थो देवी का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन लंबित था। वहीं मृतक बच्ची दीपांजलि की मां सुनीता देवी का नाम स्वीकृत आवासों की सूची में शामिल है। परिवार लंबे समय से पक्के मकान और सरकारी सहायता का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।

छह वर्षीय दीपांजलि गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा थी। उसकी असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। वहीं यह संयोग भी लोगों को झकझोर रहा है कि यदि 10 वर्षीय संदेश पेंसिल खरीदने बाहर न गया होता तो वह भी इस हादसे का शिकार हो सकता था।

SP_Singh AURGURU Editor