स्वच्छ ब्रज के महाअभियान का गोवर्धन से यमुना तट तक गूंजा संकल्प; अब कपड़े के थैलों से घर-घर पहुंचेगा संदेश
मथुरा। ब्रजभूमि को स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए चलाया जा रहा 'हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' महाअभियान अब जनआंदोलन का स्वरूप लेने लगा है। रविवार को गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर सैकड़ों लोगों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं मथुरा के गऊ घाट पर यमुना तट की सफाई और पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया गया। दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति ने कपड़े के थैलों के वितरण की नई पहल शुरू कर स्वच्छ ब्रज अभियान को घर-घर तक पहुंचाने की मुहिम छेड़ दी। तीनों कार्यक्रमों में प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे इस महाअभियान के तहत रविवार को गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर विशाल स्वच्छता श्रमदान आयोजित किया गया। उज्ज्वल ब्रज संस्था के तत्वावधान में संत गयाप्रसाद जी की समाधि और रमणरेती आश्रम से अभियान की शुरुआत हुई। स्वयंसेवकों ने परिक्रमा मार्ग की तलहटी से प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, रैपर और अन्य ठोस कचरा एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए ब्रज की धार्मिक और प्राकृतिक पवित्रता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस दौरान आगरा मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने स्वयं श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ब्रज की पहचान केवल धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि उसकी स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता से भी जुड़ी है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह इस अभियान से जुड़े।
स्वच्छता अभियान में जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, केडी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप गुप्ता, उमा मोटर्स के पवन चतुर्वेदी, ब्रजवासी ग्रुप के राजीव ब्रजवासी, के संस फाउंडेशन के सुरेश कौशिक, बेरीवाल रियल एस्टेट ग्रुप के कृष्णकांत बेरीवाल, उज्ज्वल ब्रज संस्था के सचिव अनंत शर्मा, हरिओम बाबा, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव पांडेय, तकनीकी विशेषज्ञ आर.पी. सिंह, तपेश भारद्वाज सहित विभिन्न संस्थानों के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, समाजसेवी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
इसी अभियान के अंतर्गत मथुरा के गऊ घाट पर हार्टफुलनेस संस्था के नेतृत्व में स्वच्छता, पौधरोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मथुरा, आगरा, भरतपुर, इगलास, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और अलीगढ़ से आए 250 से अधिक स्वयंसेवकों ने यमुना तट पर श्रमदान करते हुए एक ट्रॉली भर कचरा एकत्र किया और स्वच्छ यमुना का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी तथा उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। हार्टफुलनेस के समन्वयक निशांत शर्मा ने कहा कि यमुना की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सूक्ष्म प्रदूषण, धार्मिक कचरे और यमुना संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं अनुपम अग्रवाल ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह बंद कर पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सुरेंद्र शर्मा, महेश, सुभाष, ऋषि तोमर, जे.पी. सिंह, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति, मथुरा ने भी अभिनव पहल करते हुए कपड़े के थैलों का वितरण शुरू किया। इन थैलों पर 'हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है' का संदेश अंकित किया गया है, ताकि बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और घरों तक स्वच्छता का संदेश स्वतः पहुंच सके तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाई जा सके।
समिति की बैठक में समाजसेवी दीपक गोयल, नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के राजीव अग्रवाल 'ब्रजवासी', प्रोजेक्ट मथुरा के विपुल अग्रवाल (सीए) एवं उनकी टीम सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को कपड़े के थैले वितरित किए गए। समिति ने बताया कि 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में भी परिषद के अधिकारियों एवं सदस्यों को ये थैले भेंट किए जाएंगे, जिससे अभियान का संदेश और व्यापक स्तर पर प्रसारित हो सके।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने मथुरा को स्वच्छ, सुंदर, हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन, सामाजिक संगठन और आम नागरिक इसी प्रकार मिलकर कार्य करते रहे तो ब्रज की धार्मिक गरिमा के अनुरूप स्वच्छ एवं दिव्य वातावरण का लक्ष्य शीघ्र ही साकार किया जा सकेगा।