इंडोनेशिया में मोदी का भव्य स्वागत, फाइटर जेट्स ने किया एस्कॉर्ट, ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस डील पर टिकी दुनिया की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दो दिवसीय दौरे पर जकार्ता पहुंचे, जहां फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। दौरे का मुख्य आकर्षण करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस मिसाइल डील मानी जा रही है। इसके अलावा पीएम मोदी प्रम्बानन हिंदू मंदिर के दर्शन करेंगे और दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार एवं सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से होगी अहम वार्ता, प्रम्बानन मंदिर में करेंगे दर्शन, रक्षा, रणनीतिक साझेदारी और सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने दो दिवसीय इंडोनेशिया दौरे पर जकार्ता पहुंचे। इंडोनेशिया की सीमा में प्रवेश करते ही मेजबान देश की वायुसेना के फाइटर जेट्स ने प्रधानमंत्री के विशेष विमान को एस्कॉर्ट किया, जो किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के प्रति सम्मान और रणनीतिक साझेदारी का विशेष प्रतीक माना जाता है।
जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
ब्रह्मोस मिसाइल डील पर सबसे ज्यादा नजर
इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम की संभावित डील मानी जा रही है। यदि इस समझौते पर अंतिम मुहर लगती है तो इंडोनेशिया, फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दुनिया का दूसरा विदेशी देश बन जाएगा। यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगा। साथ ही भारत के रक्षा निर्यात को नई गति मिलने की भी उम्मीद है।
ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के डीआरडीओ और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है। यह दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल है और अपनी सटीक मारक क्षमता तथा अत्याधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती है।
प्रम्बानन मंदिर में भी करेंगे दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर भी जाएंगे। नौवीं शताब्दी में निर्मित यह भव्य हिंदू मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने वाली मानी जा रही है।
मुस्लिम बहुल देश, लेकिन हिंदू संस्कृति की गहरी छाप
इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी सांस्कृतिक पहचान में आज भी हिंदू-बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप दिखाई देती है। यहां नियमित रूप से रामायण और रामलीला का मंचन होता है। राष्ट्रीय एयरलाइन का नाम गरुड़ है, जबकि अतीत में इंडोनेशियाई मुद्रा पर भगवान गणेश का चित्र भी अंकित किया जा चुका है।
मोदी का तीसरा इंडोनेशिया दौरा
प्रधानमंत्री बनने के बाद यह नरेंद्र मोदी का 102वां विदेश दौरा है। वहीं इंडोनेशिया की उनकी यह तीसरी यात्रा है। इससे पहले वह मई 2018 में आधिकारिक यात्रा पर और सितंबर 2023 में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन एवं ईस्ट एशिया समिट में भाग लेने जकार्ता आए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को रक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक कूटनीति के नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।