राम मंदिर चढ़ावा कांड पर पहली बार बोला आरएसएस, कहा-भरोसा टूटा है, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है और SIT जांच में जो भी दोषी मिले, उन्हें कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से वित्तीय प्रबंधन और संचालन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी व त्रुटिरहित बनाने की अपील की। वहीं SIT ने जांच तेज कर दी है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसकी निशानदेही पर बरामदगी की कार्रवाई चल रही है। दूसरी ओर, अयोध्या विकास प्राधिकरण ने आरोपी लवकुश मिश्रा के मकान पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

Jul 3, 2026 - 18:00
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राम मंदिर चढ़ावा कांड पर पहली बार बोला आरएसएस, कहा-भरोसा टूटा है, दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले

सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पारदर्शी व्यवस्था पर दिया जोर, एसआईटी की जांच तेज, आरोपी अविनाश को लेकर प्रतापगढ़ पहुंची पुलिस, नए खुलासों की तलाश

अयोध्या। रामलला मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले ने अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को भी खुलकर प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है। शुक्रवार को पहली बार संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस पूरे घटनाक्रम पर बयान देते हुए कहा कि राम मंदिर के दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित धन की चोरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना से करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।

होसबाले ने कहा कि अयोध्या का भव्य राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, चढ़ावे के संरक्षण और संचालन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और धर्मसम्मत होनी चाहिए। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

विनय कटियार का बड़ा दावा, फिर बदले सुर

मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह साफ है कि चढ़ावे की रकम का गबन हुआ है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित सदस्य गोपाल राव का नाम लेते हुए कहा कि वे फिलहाल कार्रवाई से बचे हुए हैं, हालांकि भविष्य में उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

कटियार ने दावा किया कि इस मामले पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देर रात बातचीत हुई थी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री ने उनसे मामले की जानकारी ली। हालांकि बाद में एक न्यूज चैनल से बातचीत में कटियार अपने उस बयान से पीछे हट गए, जिसमें उन्होंने चंपत राय के जेल जाने की संभावना जताई थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया।

दूसरे दिन भी मंदिर में एसआईटी की पड़ताल

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन राम मंदिर परिसर पहुंचकर जांच की। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से पूछताछ की और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियां पूरे मामले की हर कड़ी को खंगाल रही हैं।

24 घंटे की कस्टडी में अविनाश

मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को शुक्रवार सुबह अयोध्या जेल से 24 घंटे की पुलिस कस्टडी पर लिया गया। पुलिस पहले उसे पुलिस लाइन ले गई, जहां करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इसके बाद टीम उसे लेकर प्रतापगढ़ रवाना हो गई। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि चढ़ावे में आए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी अलग-अलग स्थानों पर छिपाई गई है। अब पुलिस अविनाश की निशानदेही पर संभावित ठिकानों पर बरामदगी की कार्रवाई कर सकती है।

प्रतापगढ़ निवासी अविनाश शुक्ला राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का कार्य करता था और अयोध्या में किराए के मकान में रहता था। उसके कमरे की तलाशी में करीब 20 लाख रुपये नकद, 1000 अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण तथा 'रामराज्य कोष' लिखा एक बक्सा बरामद हुआ था।

योगा सेंटर पहुंची पुलिस, साक्ष्यों का किया सत्यापन

जांच के दौरान पुलिस टीम आरोपी अविनाश शुक्ला को लेकर उसके कौशलपुरी स्थित योगा सेंटर भी पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में वहां पूछताछ की गई और मामले से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों का सत्यापन किया गया। पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अब जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर की तैयारी

इधर, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के नए मकानों को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस जारी किया गया है। हालांकि सुप्रिया मिश्रा का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उनका दावा है कि मकान का नक्शा विधिवत स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि उनकी भगवान राम से केवल यही प्रार्थना है कि उनके पति सकुशल घर लौट आएं।

जांच के केंद्र में पूरा चढ़ावा प्रबंधन तंत्र

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण अब केवल चोरी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली और चढ़ावे के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संघ के बयान के बाद इस मामले का राजनीतिक और सामाजिक महत्व और बढ़ गया है। अब सबकी नजर एसआईटी की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।