40वीं पुण्यतिथि पर बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि, माल रोड का नाम 'बाबू जगजीवन राम मार्ग' करने और भारत रत्न देने की उठी मांग

आगरा। स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व उपप्रधानमंत्री और शोषित-पीड़ित वर्ग के अधिकारों के प्रखर संरक्षक बाबू जगजीवन राम की 40वीं पुण्यतिथि पर रविवार को जाटव समाज उत्थान समिति की ओर से बाबू जगजीवन राम पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में वक्ताओं ने बाबू जगजीवन राम के राष्ट्र निर्माण में योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किए जाने, आगरा के माल रोड का नाम 'बाबू जगजीवन राम मार्ग' किए जाने तथा उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। कार्यक्रम के अंत में पार्क परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।

Jul 6, 2026 - 22:05
 0
40वीं पुण्यतिथि पर बाबू जगजीवन राम को श्रद्धांजलि, माल रोड का नाम 'बाबू जगजीवन राम मार्ग' करने और भारत रत्न देने की उठी मांग
बाबू जगजीवन राम की 40वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते जाटव समाज उत्थान समिति के पदाधिकारी और सदस्य।

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता पूर्व मंत्री गंगा प्रसाद पुष्कर ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता देवकीनंदन सोन ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान निर्माण और आधुनिक भारत के विकास में अमूल्य योगदान दिया। लगभग 40 वर्षों तक केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभालते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए। उनके इसी योगदान के कारण देशभर के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक 'बाबूजी' कहकर पुकारते थे।

कार्यक्रम के संयोजक बंगाली बाबू सोनी ने आगरा के ऐतिहासिक माल रोड का नाम 'बाबू जगजीवन राम मार्ग' किए जाने की मांग दोहराते हुए कहा कि यह महान जननायक के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

सभा के अध्यक्ष अनिल कुमार संत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अल्प समय तक सार्वजनिक जीवन में रहने वाले कई नेताओं को भारत रत्न से सम्मानित किया गया, जबकि जीवनभर राष्ट्र और समाज की सेवा करने वाले बाबू जगजीवन राम को आज तक यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान नहीं मिल सका। उन्होंने इसे राष्ट्र के प्रति अन्याय बताया।

समिति के महामंत्री रूपसिंह सोनी ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने जिस भी मंत्रालय का दायित्व संभाला, वहां उत्कृष्ट कार्य करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। प्रशासनिक क्षमता, दूरदृष्टि और जनसेवा के कारण उनका योगदान आज भी प्रेरणास्रोत है।

उत्तर प्रदेश निगरानी समिति के सदस्य अनिल सोनी ने बाबू जगजीवन राम को कर्मयोगी और राष्ट्रसेवक बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से उनके सम्मान में भव्य स्मारक बनाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण द्वारा घोषित पांच लाख रुपये के विकास कार्यों को एक माह के भीतर पूरा कराने का आश्वासन भी दिया गया है।

पूर्व मंत्री गंगा प्रसाद पुष्कर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बाबूजी ने बिहार के सासाराम संसदीय क्षेत्र से लगातार लगभग 50 वर्षों तक चुनाव जीतकर लोकतांत्रिक इतिहास में अनूठा रिकॉर्ड बनाया। केंद्र सरकार में चार दशकों तक मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने अधीन मंत्रालयों में अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू कराया और करोड़ों वंचितों के अधिकारों की रक्षा की। यही कारण है कि देश का शोषित समाज उन्हें अपना मसीहा मानता है।

कार्यक्रम के अंत में बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा पार्क परिसर में वृक्षारोपण किया गया।

इस अवसर पर बच्चू सिंह कैथ, सत्य प्रकाश, विनोद आनंद, गया प्रसाद, महेंद्र सिंह, चौधरी मानसिंह, चौधरी निरंजन सिंह, सेवती प्रसाद निम, प्रमोद पिप्पल, नरेश गौतम सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor